Corona से जंग : मिस इंग्लैंड भाषा मुखर्जी डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए ब्रिटेन लौटीं

Last Updated: गुरुवार, 9 अप्रैल 2020 (09:31 IST)
लंदन। भारतीय मूल की ब्रिटिश नागरिक और '2019' रही भाषा मुखर्जी ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर फिर से चिकित्सा के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया है। वे पूर्वी इंग्लैंड में एक अस्पताल में एक चिकित्सक के रूप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) से जुड़ गई है।
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पेशे से चिकित्सक मुखर्जी ने अपना बचपन कोलकाता में बिताया था और वे अगस्त 2019 में 'मिस इंग्लैंड' चुनी गई थीं। इसके बाद से ही वे मानवतावादी कार्यों के लिए दुनियाभर में यात्रा कर रही थीं। दिसंबर में उन्होंने 'मिस इंग्लैंड 2019' के खिताब के लिए इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया था।
मुखर्जी अपनी मानवतावादी गतिविधियों को फिलहाल स्थगित कर एक चिकित्सक के रूप में अपना काम जारी रखने के लिए ब्रिटेन लौटीं। उन्होंने 'फॉक्स न्यूज' से कहा कि यह एक कठिन निर्णय नहीं था। मैं अफ्रीका, तुर्की गई हूं और भारत उन एशियाई देशों में से पहला था, जहां मैं यात्रा करने गई थी।
उन्होंने कहा कि भारत के बाद मुझे कई अन्य देशों की भी यात्रा करनी थी लेकिन कोरोना वायरस के कारण मुझे अपनी यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ी। मुझे पता था कि मेरे लिए सबसे अच्छी जगह अस्पताल होगी।
ब्रिटेन उन देशों में शामिल है, जो कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित है। चीन में सबसे पहले कोरोना वायरस का मामला सामने आया था और दुनियाभर में 80 हजार से अधिक लोगों की अब तक इससे मौत हो चुकी है।

24 वर्षीय मुखर्जी पिछले सप्ताह भारत से लौटने के बाद पृथकवास की 14 दिन की अवधि पूरी कर रही हैं। उन्होंने अस्पताल में आवास सुविधा पर कम से कम 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का आग्रह किया है। (भाषा)
(Photo Corstey : Instagram)




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