Hanuman Chalisa

वुहान में Coronavirus की चपेट में आई थी भारत की पहली COVID-19 मरीज, यह है पूरी कहानी

Updated: मंगलवार, 13 जुलाई 2021 (17:15 IST)
भारत की पहली कोविड-19 मरीज एक बार फिर वायरस की शिकार हो गई है। त्रिशूर की डीएमओ डॉक्टर के जे रीना के मुताबिक दोबारा कोविड-19 की चपेट में आने वाली छात्रा की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट में इंफेक्शन की बात सामने आई है। जबकि एंटीजन रिपोर्ट में संक्रमण नहीं पाया गया था।

कोरोना का कोई खास लक्षण भी नहीं दिखाई दिया है। डॉक्टरों के मुताबक वह फिलहाल घर में है और उसकी तबीयत ठीक है। केरल की रहने वाली छात्रा वुहान यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। 30 जनवरी 2020 को वह कोरोनावायरस से संक्रमित पाई गई थी।

सेमेस्टर ब्रेक के बाद घर लौटने के बाद वह देश की पहली कोविड-19 मरीज बन गई थी। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब तीन सप्ताह के इलाज के बाद दो बार उसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।

इसके साथ ही संक्रमण से उसके उबरने की पुष्टि हुई और 20 फरवरी 2020 को उसे छुट्टी दे दी गई थी। छात्रा के एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आने से हड़कंप मच गया है।

Show comments

PM मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं राहुल, Gen-Z है भाजपा के साथ, जानिए किसने किया यह दावा?

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने जांच की मांग की

US-Iran War : ईरान पर हमले से पीछे हटे ट्रंप तो तेहरान ने कसा तंज, रुबियो बोले- अब चुकानी होगी ‘बहुत बड़ी कीमत’; इराक में ड्रोन अटैक से आग

ट्रंप कर रहे ईरान में भीषण हमले की तैयारी, अपने नागरिकों को दी यह सलाह, धमकी पर क्‍या बोला तेहरान?

भगवा पहन 'चोरी' का ड्रामा पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश पर बनारस में FIR दर्ज

सभी देखें

दतिया उपचुनाव में नतीजों से पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती सस्पेंड, भितरघात के आरोपों के बाद कार्रवाई

PM मोदी की लोकप्रियता से परेशान हैं राहुल, Gen-Z है भाजपा के साथ, जानिए किसने किया यह दावा?

योगी सरकार ने महिला कावड़ियों के लिए किए विशेष प्रबंध, जलाभिषेक करने उमड़ पड़ी नारीशक्ति

साध्वी हर्षा रिछारिया के बयान पर ब्रज के संतों का विरोध, कहा- पूरे संत समाज पर सवाल उठाना अनुचित

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना : अनाथ और असहाय बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला, योगी सरकार में एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रहा योजना का लाभ

अगला लेख