COVID-19 in India : देश में Corona मामले 77 लाख के पार, एक्टिव केस घटकर हुए 6.96 लाख

पुनः संशोधित शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020 (01:37 IST)
नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले साढ़े 77 लाख के पार हो गए हैं और इस दौरान कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर अब 6.96 लाख के करीब पहुंच गई है। विभिन्न राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार देर रात तक संक्रमण के 50,784 नए मामलों के साथ संक्रमितों का कुल आंकड़ा 77,56,206 हो गया है और मृतकों की संख्या 626 और बढ़कर 1,17,277 हो गई है।
देश में नए मामलों की तुलना में कोरोना महामारी से निजात पाने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और इसी कड़ी में 69,127 कोरोना मरीजों के ठीक होने के साथ अब तक 69,41,238 लोग इस बीमारी से मुक्ति पा चुके हैं। कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आने और इनकी तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या में वृद्धि होने के कारण सक्रिय मामलों में रिकॉर्ड 19,422 की कमी दर्ज की गई है। सक्रिय मामले घटकर 6,96,390 पर आ गए हैं।

कोरोना से देश में सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र 1,50,016 सक्रिय मामलों के साथ शीर्ष पर है जबकि केरल 93,291 सक्रिय मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। कर्नाटक 92,927 मामलों के साथ अब तीसरे स्थान पर है।

कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र में फिर से कोरोना संक्रमण के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या में वृद्धि होने से सक्रिय मामलों में गुरुवार को फिर से गिरावट दर्ज की गई और सक्रिय मामले घटकर डेढ़ लाख के करीब रह गए। राज्य में इस दौरान स्वस्थ लोगों की संख्या में वृद्धि के कारण सक्रिय मामलों में 8,841 की और गिरावट दर्ज की गई। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर अब 1,50,011 हो गई।
राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान 7,539 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 16,25,197 पहुंच गई। इसी अवधि में 16,177 और मरीजों के स्वस्थ होने से संक्रमण से मुक्ति पाने वालों की संख्या 14,31,856 हो गई है तथा 198 और मरीजों की होने से मृतकों की संख्या 42,831 हो गई है। राज्य में मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 88.10 फीसदी पहुंच गई है, जबकि मृत्यु दर महज 2.63 प्रतिशत है।
कोरोना संक्रमण के मामले में दुनियाभर में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर हैं। अमेरिका में संक्रमितों की कुल संख्या 83,54,300 हो गई और इस हिसाब से भारत अब 5.98 लाख मामले ही पीछे है।(वार्ता)



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