Hanuman Chalisa

मास्क नहीं तो क्या Corona से निपटेगा 'गरीब का गमछा'

Written By भाषा
Updated: रविवार, 5 अप्रैल 2020 (14:56 IST)
लखनऊ। गांव देहात में तपती दोपहरिया में पसीना पौंछने, बारिश में सिर ढंकने और ठंड में कान बांधने के काम आने वाला गमछा या अंगौछा अब कोरोना महामारी में मास्क के विकल्प के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कह दिया है कि लॉकडाउन में और लॉकडाउन खुलने के बाद भी अगर घर से बाहर निकलें तो चेहरा ढंककर ही निकलें। मास्क के साथ गमछा और दुपट्टा भी इसका विकल्प हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कोरोना वायरस की उच्च स्तरीय समीक्षा के क्रम में प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों तथा पुलिस आयुक्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक को परिपत्र के माध्यम से 'गमछे या अंगौछे' को लेकर निर्देश दिए हैं।

निर्देश यह है कि समस्त शासकीय एवं गैर शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा जनसामान्य को प्रेरित किया जाए कि वे जब घर से बाहर निकलें, अपने नाक व मुँह मास्क से अथवा मास्क उपलब्ध न होने पर तौलिया, अगौंछा या दुपट्टे से ढक कर निकलें एवं ढंकने वाले कपड़े को प्रतिदिन साबुन से धोयें।

सूबे का स्वास्थ्य विभाग भी इस मसले पर काफी संवेदनशीलता बरत रहा है। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा, 'जिनके पास मास्क है, वो मास्क लगा सकते हैं। गांवों में अगर मास्क उपलब्ध ना हों तो गमछे को मुंह पर लगा सकते हैं। लड़कियां दुपट्टे का इस्तेमाल कर सकती हैं। साड़ी का पल्लू लगाया जा सकता है। रूमाल लगाया जा सकता है। इन्हें दो तीन चार लेयर बनाकर लगाया जा सकता है। इससे संक्रमण से बचाव होगा।'

प्रसाद ने कहा कि इस संक्रमण से डरना नहीं बल्कि इससे हमें सावधान रहना है, बचाव करना है और इसके लिए बार बार साबुन से हाथ धोना और सोशल डिस्टेंस मेंटेन करना सबसे कारगर उपाय है। इसके अलावा इम्युनिटी को मजबूत करने के उपाय करने चाहिए। तुलसी अदरख का काढ़ा, नीम की पत्ती का सेवन, गिलोय का सेवन जैसे पारंपरिक उपाय करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी ऐसी जगह जा रहे हैं, जहां कुछ लोग हो सकते हैं तो मास्क लगाना उपयुक्त है। इससे अगर आप संक्रमित हैं तो आप दूसरों को संक्रमित नहीं करेंगे और यदि दूसरा संक्रमित है तो उससे आपको संक्रमण नहीं लगेगा। मुंह, आंख और नाक से संक्रमण जाता है। ये भी बचाव का मजबूत तरीका है।

प्रतापगढ़ में रानीगंज कैथोला थानाक्षेत्र के देल्हूपुर गांव के सुनील सिंह ने कहा, 'साफ सुथरे गमछे का कोई विकल्प नहीं हो सकता। यह हर जगह काम आता है। अब कोरोना के खिलाफ जंग में भी इसकी उपयोगिता साबित हो गई है।'

इसी तरह सांगीपुर के लल्लू सोनी ने कहा, 'महाराज, गमछा गरीब को भगवान का दिया पहनावा है। हर जगह फिट। हम सभी गांव वाले लॉकडाउन के पहले दिन से ही गमछे का मास्क बनाकर पहन रहे हैं।'
लेखक के बारे में
भाषा
भाषा हिन्दी समाचार एजेंसी है, जो कि वेबदुनिया को अनुबंध के तहत देश-विदेश की खबरें उपलब्ध करवाती है।.... और पढ़ें

Show comments

2.50 लाख रुपए में आएगी Royal Enfield की नई Adventure Bike! Himalayan 440 में मिलेंगे 443cc इंजन और 21-इंच व्हील

₹1.10 लाख में आया नया Electric Scooter, 243 KM की रेंज और 70 लीटर स्टोरेज ने मचाई हलचल

अलर्ट हो जाओ इंदौर... बड़ी होटलों- डेयरियों में दूध के प्रोडक्‍ट्स असुरक्षित, जांच के बाद आई रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

क्या होती है टेस्टोस्टेरोन जांच? अमेरिका में सैनिकों के लिए इसे क्यों किया गया अनिवार्य

जेंडर चेंज कर पुरुष से बनी औरत, किन्‍नर लेडी अघोरी के बारे में हो रहे कई खुलासे, उज्‍जैन में चिता का मांस खाने पर हुई थी FIR

सभी देखें

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, अब सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

'योगी बाबा आयो है, 1051 करोड़ लायो है', श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य; बोले- जहां कीचड़ था, वहां बनी सड़कें

गोरखपुर में शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे CM योगी, देखें पूरी डिटेल

अगला लेख