एक्सप्लेनर: भारत में कोरोना का डबल म्यूटैंट वैरियंट मचा रहा कोहराम,इम्युनिटी और वैक्सीन पर भी भारी !

कोरोना का इंडियन वैरियंट B-1.67 में दो वैरिंयट E484Q और L452R एक साथ

Author विकास सिंह| Last Updated: गुरुवार, 22 अप्रैल 2021 (14:54 IST)
पूरे देश में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। हर नए दिन के साथ कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में होता इजाफा डरा रहा है। भारत में घातक हुई कोरोना की दूसरी लहर के पीछे का डबल म्यूटैंट इंडियन वैरियंट B-1.67 जिम्मेदार बताया जा रहा है।
अब तक की रिसर्च और रिपोर्ट बता रही है कि भारत में कोरोना के नए वैरिएंट में अब तक अन्य देशों में पाए दो वैरिंयट E484Q और L452R एक साथ देखे जा रहे है। महाराष्ट्र में अब तक जिन सैंपल की जांच हुई है उसमें 61 फीसदी केस में कोरोना का नया इंडिया वैरियंट मिला है। कुछ रिसर्च इस को बता रही है कि कोरोना के नए इंडियन वैरियंट के जीनोम में दो बार परिवर्तन हो चुका है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्था (ICMR) के महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग विभाग के पूर्व प्रमुख रमन गंगाखेडकर ‘वेबदुनिया’ से बातचीत में कहते हैं कि कोरोना वायरस के
दो तरह के म्यूटेशन E484Q और L452R विश्व के अन्य देशों में अलग-अलग पाए गए थे। वह अब इंडियन वेरियंट में B-1.67 में दोनों वायरस E484Q और L452R एक साथ दिखाई दे रहे है और इसी के चलते ज्यादा लोगों में इंफेक्शन बढ़ता जा रहा है। डॉक्टर रमन गंगाखेडकर अलर्ट करने वाली बात कहते हैं कि दोनों म्यूटेशन जो देश में इस समय रिपोर्ट हो रहे है वह अभी और बढ़ेगा।

डॉक्टर रमन गंगाखेडकर कहते हैं कि कोरोना का इंडियन वैरियंट सीधे हमारी इम्युनिटी को प्रभावित कर रहा है। आप इसको सरल भाषा में ऐसे समझ सकते हैं कि ये वायरस और इंसान में एक सीधी लड़ाई है। कोरोना वायरस अपने ऐसे बदलाव लाने की कोशिश करेगा जिससे हमारे शरीर की प्रतिकार शक्ति उसको पहचान नहीं पाए। वहीं ऐसा भी वैरियंट आएगा जिस पर वैक्सीन भी नहीं प्रभावी होगी क्यों वायरस में इतना बदलाव आ चुका होगा। दरअसल कोरोना वायरस का नेचर ही ऐसा है कि ये जितना ज्यादा फैलेगा उतना ज्यादा ही इसमें म्यूटेशन आते जाएंगे और ये बढ़ता जाएगा।
डॉक्टर रमन गंगाखेडकर कहते हैं कोरोना वायरस से नए वेरियंट और म्यूटेशन से हमको डरने की नहीं बल्कि अलर्ट रहने की जरुरत है। भले ही कोई वेरियंट आए मास्क हमको बचा सकते है। वहीं वैक्सीन भी कोरोना वायरस के नए वेरियंट पर प्रभावी है। मान लीजिए की मैंने वैक्सीन लगवाई है जो अभी की वेरियंट के खिलाफ 80 फीसदी असरकार है तो वायरस के म्यूटेंशन के बाद 50 फीसदी तो असरकारक रहेगी और हमको जो सुरक्षित करेगी।




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