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खुलासा: ‘मोबाइल स्क्रीन’ और ‘नोट’ पर इतने दिनों तक जिंदा रहता है कोरोनावायरस

Updated: सोमवार, 12 अक्टूबर 2020 (13:00 IST)
सीएसआईआरओ के डिसीज प्रीपेडनेस सेंटर के शोधकर्ताओं ने इस बात का परीक्षण किया कि अंधेरे में तीन डिग्री सेल्सियस तापमान पर SARS-CoV-2 कितने समय तक जीवित रह सकता है।

जब से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई है तब से यह सवाल रहा है कि आखि‍र किस चीज के छूने से कोरोना का खतरा है और किस वस्‍तु पर यह वायरस कितने समय तक जिंदा रहता है।

ऑस्‍ट्रेलिया की नेशनल साइंस एजेंसी ने यह स्‍टडी कर खुलासा किया है कि किस चीज पर वायरस कितने दिन जिंदा रहता है।

एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनावायरस बैंक नोट और मोबाइल फोन जैसे उत्पादों पर ठंडे और डार्क परिस्थितियों में 28 दिन तक जीवित रह सकता है।

एजेंसी ने सोमवार को कहा कि सीएसआईआरओ के डिसीज प्रीपेडनेस सेंटर के शोधकर्ताओं ने इस बात का परीक्षण किया कि अंधेरे में तीन डिग्री सेल्सियस तापमान पर SARS-CoV-2 कितने समय तक जीवित रह सकता है। इस परीक्षण में पता चला है कि गर्म परिस्थितियों में वायरस की जीवित रहने की दर कम हो जाती है।

वैज्ञानिकों ने खोजा कि 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर SARS-CoV-2 वायरस कांच (मोबाइल फोन की स्क्रीन), स्टील और प्लास्टिक के बैंक नोट पर तेजी से फैलता है और 28 दिनों तक जीवित रह सकता है। 30 डिग्री तापमान पर वायरस के जीवित रहने की संभावना घटकर 7 दिन पर आ गई, जबकि 40 डिग्री  पर वायरस सिर्फ 24 घंटे तक ही जीवित रह सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि वायरस कम तापमान पर खुरदरी सतह में काम देर तक जीवित रह पाता है। स्टडी में कहा गया है कि कपड़े जैसी खुदरा सतह पर ये 14 दिनों के बाद जीवित नहीं रह सकता है।

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