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कोरोना की दवा ‘विराफिन’ को मिली आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी

Updated: मंगलवार, 27 अप्रैल 2021 (13:50 IST)
नई दिल्ली, देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद गंभीर है। पिछले एक हफ्ते से देश में प्रतिदिन तीन लाख से अधिक केस सामने आ रहे है वहीं, देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण पोजिटीविटी रेट और मृत्यु दर में भी इजाफा हुआ है।

ऐसे में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने मध्यम श्रेणी के मरीजों के उपचार के लिए विराफिन को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। विराफिन नाम की इस दवा को भारतीय फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने तैयार किया है।

दरअसल विराफिन एक पैगाइलेटेड इन्टरफेरोन अल्फा-2बी (पीईजीआईएफएन) है, जिसे संक्रमण की शुरुआत वाले कोरोना मरीजों को त्वचा के नीचे इंजेक्शन के रूप में दिया जाए तो इससे मरीज अन्य मरीजों की तुलना में जल्दी ठीक हो जाएंगे।

फेज-2 के अध्ययनों में दवा की सुरक्षा, प्रभावशीलता और सहनशीलता की पुष्टि हुई है और यह बताया गया है कि विराफिन कोरोना मरीजों में वायरल लोड में कमी लाने के साथ बेहतर उपचार करने में कारगर है वहीं, फेज-3 के ट्राइल में हुए अध्ययनों में यह बताया गया है कि कोरोना संक्रमित मरीजों में जिन मरीजों को त्वचा के नीचे इंजेक्शन के रूप में विराफिन दी गई थी, ऐसे मरीजों की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट सात दिन बाद निगेटिव हो गई। इसके साथ ही अध्ययन में यह दावा किया गया है कि इस दवा के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर घटने से सांस लेने में हो रही कठिनाइयों को कम किया जा सकता है।

इस दवा के माध्यम से कोरोना वायरस संक्रमित मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाया जा सकता है। यह दवा किसी अस्पताल के मेडिकल स्पेशलिस्ट के प्रेस्क्रिप्शन के बाद ही कोरोना मरीजों को मिल सकती है। जाइडस कैडिला की कोरोना मेडिसिन विराफिन एक सिंगल डोज दवा है, जिसकी मदद से कोरोना मरीजों के इलाज में काफी आसानी हो सकती है।

इस दवा को विकसित करने में जायडस कैडिला ने एनबीएम (नेशनल बायोफार्मा मिशन) के माध्यम से फेज-2 ह्यूमन ट्रायल स्टडी को सपोर्ट करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) की सराहना की है। विराफिन दवा को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति मिलने पर जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव और बीआईआरएसी (बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल) की अध्यक्ष डॉ रेणु स्वरूप ने कहा है कि सरकार कोविड-19 महामारी के विरुद्ध जारी जंग में देश में उद्योगों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विराफिन को दी गई आपात स्वीकृति इसी दिशा में एक कदम है। जो चिकित्सा सुविधा प्रदाताओं के लिए एक वरदान है। मैं इस उपलब्धि के लिए चिकित्सा सुविधा प्रदाताओं द्वारा किए गए प्रयासों की बहुत सराहना करती हूं।
जायडस कैडिला हैल्थकेयर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ शिवराज पाटिल ने कहा है कि यह अनुभूति हो रही है कि अब हम एक ऐसा उपचार देने में सक्षम हैं जिससे वायरल लोड को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे कोरोना संक्रमण की शुरुआत में ही रोग को बेहतर ढंग से उपचार करने में मदद मिल सकती हैI

उन्होने बताया कि यह दवा ऐसे समय पर आई है जब रोगियों को इसकी ज्यादा आवश्यकता हैI कोरोना संक्रमण के खिलाफ चल रही इस लड़ाई के दौरान भी हम रोगियों को अपनी ओर से उपचार देना जारी रखेंगेI (इंडिया साइंस वायर)

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