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जब कोरोना वैक्सीन का ‘सेकंड डोज’ लगे तो यूं रहे ‘सावधान’

Updated: गुरुवार, 14 जनवरी 2021 (17:17 IST)
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए विकसित की गई वैक्सीन देने की प्रक्रिया अब शुरू होने वाली है। वैक्सीन देने के लिए सरकार ने प्राथमिकताएं तय कर दी हैं। सबसे पहले हेल्‍थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को दी जाएगी।

कोरोना की वैक्सीन कितनी बार लेनी है। कितने दिनों के अंतराल पर वैक्सीन लेना जरूरी है। क्या सावधानी बरतनी जरूरी है। क्या पहला डोज लेने से काम चल जायेगा। ऐसे कई सवाल हैं जिन्‍हें हर कोई जानना चाहता है।

एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'कोवीशील्ड' के फेज-3 ट्रायल्स के डिजाइन में तय किया गया था कि चार हफ्ते के अंतराल पर दो डोज दिये जाने थे। लेकिन, मेडिकल जर्नल लैंसेट में 12 दिसंबर को ट्रायल्स डेटा का एक लेख प्रकाशित किया गया। इसमें कंपनी ने कहा कि ज्यादातर वॉलंटियर्स को दूसरा डोज देने में चार हफ्ते से ज्यादा वक्त लगा। वहीं, ब्रिटेन में दो डोज के बीच 10 हफ्ते का अंतर और ब्राजील में छह हफ्ते का अंतर रहा।

भारत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वीजी सोमानी ने दो डोज की व्यवस्था को मंजूरी दी है। हालांकि, उन्होंने दो डोज के बीच अंतर कितना रहना चाहिए, यह नहीं बताया। लेकिन, माना जा रहा है कि चार हफ्ते यानी 28 दिन के अंतर से दो डोज दिए जायेंगे। मालूम हो कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन ने दो डोज के लिए 21 दिनों का अंतराल और मॉडर्ना के लिए 28 दिनों का अंतराल तय किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज लेना जरूरी है। ऐसे में अगर आप पहला डोज लेते हैं, तो दूसरी बार भी वैक्सीन सेंटर पर जाना चाहिए, ताकि कोरोना के खिलाफ इलाज पूरा हो और इम्युनिटी बन सके। कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज के कुछ दिनों बाद ही इम्युनिटी बनती है।

•       कोरोना वैक्सीन का डोज लेने के बाद कुछ देर आराम करना चाहिए।
•       करीब आधे घंटे तक आप वहीं रहें।
•       किसी प्रकार की दिक्कत आती है, तो तुरंत चिकित्सक या मौजूद अधिकारी से संपर्क करें।
•       बाद में दिक्कत आने पर हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।

हर वैक्सीन से जुड़े कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। मॉडर्ना की वैक्सीन के ट्रायल के दौरान एक व्यक्ति में तेज बुखार की समस्या देखी गई। उसे 102 डिग्री बुखार हो गया। ठंड लगने की समस्या भी पाई गई। हालांकि, कुछ घंटों बाद लक्षण स्वत: समाप्त हो गया। वहीं, कुछ ट्रायल के दौरान वैक्सीनेशन के बाद वॉलेंटियर्स के सिर में तेज दर्द, पेट दर्द, डाइजेशन से संबंधी समस्याएं और अन्य छोटे-मोटे रोग भी संभव है।

वहीं विशेषज्ञ कहते हैं कि वैक्सीन को लेकर कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। कोरोना वैक्सीन लेने के बाद थोड़ा सिर दर्द, थोड़ा बुखार होता है। यह एक-दो दिन के लिए होता है। लेकिन बाद में यह ठीक हो जाता है।

अमेरिका के संसर्गजन्य रोग विशेषज्ञ रेमर्स के मुताबिक, कोरोना के खिलाफ वैक्सीन को अपना काम करने में 10 से 14 दिन का वक्त लग जाता है। कोरोना वैक्सीन का पहला डोज केवल 50 प्रतिशत सुरक्षा देता है। 95 प्रतिशत सुरक्षा के लिए दूसरे डोज की जरूरत होती है।

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