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मौत के डर के बाद इटली में जागी जिंदा रहने की जिद, तस्‍वीरें बताती हैं त्रासदी का सकारात्‍मक पहलू...

Updated: मंगलवार, 17 मार्च 2020 (15:09 IST)
कोरोना से पूरी दुनिया में दहशत है। संक्रमण है। मौतें हैं। और अंतत: जिंदगी बचाने की जद्दोजहद है। लेकिन यकीन मानिए हर त्रासदी का एक सकारात्‍मक पक्ष भी होता है। बावजूद इसके कि पूरी दुनिया में कोरोना से लोगों की मौतें हो रही हैं।

वहीं कोरोना की वजह से समाज का एक सकारात्‍मक पहलू भी उजागर हो रहा है। एक पॉजिटिव एट्टीयूड। जो हम भूल गए थे, वो कोरोना ने याद दिलाया है। जो अब हमें याद आ रहा है वो ‘कोरोना’ का एकमात्र सकारात्‍मक परिणाम है। चीन के बाद दुनिया में कोरोना ने जिस देश को सबसे ज्‍यादा प्रभावित किया है, वो इटली है। करीब 60.48 मिलियन जनसंख्‍या (2018) वाले देश इटली में अब तक सैंकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

लेकिन इतनी मौतों के बाद इटली के कई शहरों में 'इंसानियत' से भरे बेहद खूबसूरत दृश्‍य देखने को मिल रहे हैं। यहां की आबोहवा में सकारात्‍मकता घुलने लगी है। दरअसल, जहां पूरी दुनिया इस संक्रमण से युद्ध कर रही है, वहीं इटली के लोग अपनों को खोने के बाद नहीं चाहते हैं कि उनका कोई पड़ोसी मरे, या कोई दोस्‍त विदा हो जाए, कोई रिश्‍तेदार या कोई अजनबी कोरोना की वजह से ये दुनिया छोड़कर जाए।

‘लॉकडाउन’ हो चुके इटली के शहरों में लोग एक दूसरे का दिल बहला रहे हैं। डांस कर रहे हैं, गेम्‍स खेल रहे हैं और अपने घरों में कैद खिड़कियों से झांकते हुए फिट रहने के गुर सीख रहे हैं। यह सुकून देने वाली तस्‍वीर है। दरअसल, इतनी मौतों के बाद इटली के लोगों में अवसाद, अकेलापन और भय घर कर चुका है। वे ऐसे अपने घरों में बंद होकर खिड़कियों से झांक रहे कि जैसे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हों, लेकिन ऐसे समय में, ‘इन द टाइम ऑफ कोरोना’ मानवता की जिंदादिली काम कर रही है। इटली में जिंदा रहने की जिद और स्‍वस्‍थ्‍य रहने का जज्‍बा जाग रहा है।

जी, हां सोशल मीडिया पर इटली के ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें लोग अपने घरों की खिड़कियों में खड़े होकर खुशी के गीत गा रहे हैं। कोई गिटार पर जिंदगी की सकारात्‍मक धुन बजा रहा है तो कोई मौत को हराने का सुंदर गीत।

कुछ ऐसे दृश्‍य भी सामने आए है जिनमें बच्‍चे अपने बालकनी से पड़ोसी की बालकनी में गेंद उछाल रहा है तो कोई बेडमिंटन खेल रहा है। एक वीडियो में इटली का एक फिटनेस ट्रेनर गार्डन में खड़ा होकर योगा और फिट रहने की एक्‍सरसाइज बता रहा है और महिलाएं अपनी खिड़कियों और दरवाजों पर खड़ी होकर एक्‍सरसाइज फॉलो कर रही हैं। कोरोना के कहर के बीच पूरी दुनिया के लिए इटली की ये तस्‍वीरें सुखद और सकारात्‍मक संदेश दे रही हैं।

यह तस्‍वीरें कह रही हैं कि अंतत: हर त्रासदी का एक सकारात्‍मक पहलू होता है, अगर मौत ने ठान रखा है कि वो आएगी तो जिंदगी ने भी कह दिया है उसे आने दो, देखते हैं। फिलहाल इटली का तो दुनिया को यही संदेश है।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें

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