biodatamaker

Corona के बाद अमेरिका पर टूट सकता है ठंड का कहर

Updated: गुरुवार, 14 मई 2020 (17:43 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका में एक सरकारी व्हिसलब्लोअर ने कहा है कि यदि कोरोना वायरस को फिर से जोर पकड़ने के रोकने के लिए निर्णायक कदम नहीं उठाए गए तो देश को आधुनिक इतिहास की सबसे भयानक सर्दी का सामना करना पड़ सकता है।
ALSO READ: अमेरिका ने चीन की 7 कंपनियों के एन-95 मास्क को बताया घटिया
वैश्विक महामारी को लेकर तैयारी के संबंध में ट्रंप प्रशासन को सचेत करने के कारण दंडित किए जाने का आरोप लगाने वाले अमेरिका के वैज्ञानिक डॉ. रिक ब्राइट ने सदन की ऊर्जा एवं वाणिज्य समिति के सामने गुरुवार को अपनी पेशी के लिए तैयार की गई अपनी गवाही में यह भविष्यवाणी की है।
 
सरकारी व्हिसलब्लोअर को कोविड-19 उपचार के लिए एक अप्रमाणित दवा के व्यापक इस्तेमाल के खिलाफ बोलने पर दंडित किए जाने के बारे में संघीय जांचकर्ताओं ने उचित आधार पाए हैं। इस दवा को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड-19 का समाधान करार दिया था। डॉ. रिक ब्राइट बायोमेडिकल एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रमुख थे, जो संक्रामक रोगों और जैव आतंकवाद जैसे मुद्दों को देखती है। उन्हें पिछले महीने बिना चेतावनी के स्थानांतरित कर दिया गया था।
 
समिति की वेबसाइट पर पोस्ट की गई गवाही में ब्राइट ने कहा कि अवसर सीमित होते जा रहे हैं। यदि हम विज्ञान आधारित एक राष्ट्रीय समन्वित प्रतिक्रिया विकसित करने में नाकाम रहते हैं तो मुझे आशंका है कि यह वैश्विक महामारी और बदतर हो जाएगी तथा देर तक रहेगी जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमार होंगे और मारे जाएंगे।
 
उन्होंने कहा कि स्पष्ट योजना और मेरे एवं अन्य विशेषज्ञों के बताए कदमों को लागू किए बिना 2020 आधुनिक इतिहास की सबसे भयानक सर्दी होगी। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से अमेरिका में 83,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर में 43 लाख लोग इससे संक्रमित हैं और करीब 2,95,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
 
अमेरिकी सरकार में कोरोना वायरस पर शीर्ष विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फॉसी ने भी मंगलवार को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर शहर और राज्य घरों में रहने के आदेश तेजी से वापस लेते हैं तो वहां स्थिति बदल सकती है और कोविड-19 से अधिक लोगों की मौत तथा आर्थिक नुकसान देखने को मिल सकता है। (भाषा)

Show comments

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

ब्रिटेन में क्यों फंसे हैं विजय माल्या? भगोड़े कारोबारी ने किया बड़ा दावा

मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

सभी देखें

सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग 3.0 में 15-16 सितंबर को 12 टीमें दिखाएंगी दम

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने मांगी छात्रों से राय, कहा एजुकेशन सिस्टम में उम्मीद खो चुके स्टूडेंट

7 साल बाद भारत आ रहे हैं शी जिनपिंग; ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा, पीएम मोदी से भी हो सकती है मुलाकात

मानसून की वापसी पर ब्रेक! बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ नया सिस्टम, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

अगला लेख