दिल्ली : CM केजरीवाल बोले- Lockdown का करें पालन, मिलकर करेंगे Corona से मुकाबला...

पुनः संशोधित सोमवार, 19 अप्रैल 2021 (22:03 IST)
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 दिनों के लिए पूर्ण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा उपराज्यपाल के साथ आज सुबह हुई के उपरांत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन आज रात 10 बजे से सोमवार को सुबह 5 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन का सभी पालन करें और घर से बाहर न निकलें। हम सभी मिलकर कोरोना का मुकाबला करेंगे और जरूर जीतेंगे।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि हम लॉकडाउन के समय का इस्तेमाल दिल्ली में बड़े पैमाने पर बेड बढ़ाने, ऑक्सीजन और दवाइयों की व्यवस्था करने में करेंगे। दिल्ली में कोरोना की परिस्थिति काफी गंभीर है। अब अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भारी कमी होने लगी है।

उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में ‘आप’ की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सराहनीय काम किया है और यही कारण है कि 25-25 हजार केस आने के बाद भी हमारा हेल्थ सिस्टम चल रहा है, लेकिन किसी भी सिस्टम की अपनी सीमाएं होती हैं। लेकिन हम किसी भी हालत में दिल्ली को उस परिस्थिति में नहीं ले जाना चाहते, जहां कॉरिडोर में मरीज पड़े हों और सड़कों पर लोग दम तोड़ रहे हों। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन का सभी पालन करें और घर से बाहर न निकलें। हम सभी मिलकर कोरोना का मुकाबला करेंगे और जरूर जीतेंगे।

हमने हमेशा सही तथ्य बताए और कभी झूठ नहीं बोला :
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि पिछले एक साल से जब से कोरोना शुरू हुआ है, मैं समय-समय पर आपके बीच में आकर सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ईमानदारी के साथ आपके सामने रखता रहा हूं और आपसे चर्चा करता रहा हूं। एक चीज हम लोगों ने हमेशा गांठ बांधकर के रखी है कि आपको कभी गलत तथ्य नहीं दिए।

आपसे कभी झूठ नहीं बोला। जो था, आपके सामने रख दिया। अगर स्थिति अच्छी थी, तो भी आपको बताया, स्थिति खराब थी, तो भी आपको हमने ईमानदारी से बताया, क्योंकि हम पहले दिन से समझ गए थे कि इतनी बड़ी आपदा है कि जनता के साथ के बिना अकेले इस आपदा से सरकार सामना नहीं कर सकती। जनता का सहयोग और जनता की सहभागिता इस पूरे संघर्ष में बेहद जरूरी है और जब तक जनता को सच नहीं बताया जाएगा, सारे तथ्य जनता के सामने नहीं रखे जाएंगे, तब तक जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना असंभव था। इसीलिए हमने हर चीज आपके सामने रखी।

कोरोना के टेस्ट कम नहीं होने दिए :मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि आज दिल्ली के अंदर सबसे ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। मैं तो यह कहूंगा कि अगर प्रति 10 लाख की जनसंख्या पर देखा जाए, तो शायद पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा टेस्ट दिल्ली में हो रहे हैं। मैंने देखा कि कई जगहों पर उन्होंने टेस्ट कम कर दिए, टेस्ट कम कर दिए, तो केस कम आने लग गए। इस तरह से तथ्यों के साथ कई जगहों पर हेरफेर करने की कोशिश की गई।

हमने ऐसा नहीं किया। हमने दिल्ली में टेस्ट कम नहीं किए। उल्टे कम करने की बजाय हमने दिल्ली में टेस्ट कई गुना बढ़ा दिए। आज दिल्ली में लगभग एक लाख टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। दिल्ली के दो करोड़ लोग एक परिवार हैं। जब परिवार में कोई आपदा आती है, तो परिवार के सारे लोग मिलकर उसका सामना करते हैं। अब भी हम सभी मिलकर इसका सामना करेंगे।

दर बढ़ने से बेड और ऑक्सीजन की भारी कमी :
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में क्या परिस्थिति है? पिछले 24 घंटे में दिल्ली में लगभग 23,500 हजार नए केस आए हैं, उसके पिछले 24 घंटे में लगभग 25,500 केस आए थे। पिछले तीन-चार दिन से रोज हम देख रहे हैं कि लगभग 25 हजार के करीब केस आ रहे हैं। पॉजिटिविटी बहुत ज्यादा बढ़ गई है, संक्रमण दर बहुत ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली के अंदर अस्पतालों में उपलब्ध बेड की भारी कमी हो रही है।

अगर रोजाना 25-25 हजार मरीज आएंगे, तो कोई भी व्यवस्था चरमरा सकती है। दिल्ली के अंदर बेड की भारी कमी हो रही है। आईसीयू बेड दिल्ली में लगभग खत्म हो गए हैं। आज सुबह मैं ऐप पर देख रहा था, तो दिल्ली में 100 से भी कम बेड बचे हैं। ऑक्सीजन की भारी कमी हो रही है। कल हमने को भी लिखा है, उनसे बातचीत चल रही है। परसों रात को एक हादसा होते-होते बचा।

एक प्राइवेट हॉस्पिटल में हमें बताया कि परसों रात को 3 बजे के करीब उनके अस्पताल के ऑक्सीजन लगभग खत्म हो गए। वो बोले कि हम तो बहुत बुरी तरह से डर गए। बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। इधर-उधर हाथ-पैर मारकर किसी तरह उन्होंने कहीं से ऑक्सीजन का इंतजाम किया। दवाइयों की कमी हो रही है। रेमडिसविर दवाई की खास कमी हो रही है। दिल्ली में कोरोना की स्थिति काफी गंभीर है, अभी हमारा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ है, लेकिन बहुत तनाव में हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देशों में कई ऐसे शहर हैं, जहां पर 6 हजार केस आए तो उनका पूरा हेल्थ सिस्टम चरमरा गया और ध्वस्त हो गया। दिल्ली में तीसरी लहर में 8500 केस आए, तब भी हमारा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ। बल्कि हमने और ज्यादा अपनी तैयारियां शुरू शुरू कर दी। आज 25 हजार केस आए हैं, अब दिल्ली का हेल्थ सिस्टम अपनी सीमा तक पहुंच गया है।
हमारा हमारा हेल्थ सिस्टम अब बहुत ज्यादा तनाव में है। मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारा हेल्थ सिस्टम अभी ध्वस्त हुआ है, लेकिन आज हमारा हेल्थ सिस्टम बहुत तनाव में है। पिछले 5 साल में ‘आप’ की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सराहनीय काम किया है और यही कारण है कि 25 हजार केस आने के बाद भी हमारा हेल्थ सिस्टम चल रहा है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, पिछले 5 साल में ‘आप’की सरकार ने दिल्ली में बहुत बड़े स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया है। खूब नए हॉस्पिटल खोलें हैं, मोहल्ला क्लीनिक, पॉलीक्लिनिक बनाए हैं। बहुत बड़े स्तर के ऊपर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम हुआ है। लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी, शादियों में केवल 50 लोग शामिल हो सकेंगे, इसके अलग से पास दिए जाएंगे। यह शादियों का सीजन है, लोगों के बड़े मुश्किल से रिश्ते बनते हैं।
हमारे लिए निर्णय लेना आसान नहीं था, क्योंकि मैं समझ सकता हूं कि लॉकडाउन के दौरान किस तरह से लोगों के रोजगार खत्म हो जाते हैं। लोगों की कमाई खत्म हो जाती है और खासकर सबसे गरीब तबके के लिए तो बेहद मुश्किल होता है, जो दिहाड़ी करके रोज कमाते हैं। उनके लिए तो बेहद मुश्किल हो जाता है। पिछली बार जब देश में लॉकडाउन लगा था, हमने देखा कि किस तरह से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव जाने लगे थे। प्रवासी मजदूरों से मेरी खासतौर से हाथ जोड़कर अपील करना चाहता हूं कि यह छोटा सा लॉकडाउन है, सिर्फ छह दिन का है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, आप दिल्ली छोड़कर मत जाइएगा। आपके आने-जाने में आपका इतना समय, पैसा और काफी उर्जा खत्म हो जाएगी। आप दिल्ली में ही रहिए। मुझे उम्मीद है कि यह छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि शायद बढ़ाने की जरूरत न पड़े। आप दिल्ली में रहिए, यकीन मानिए हम पूरी ईमानदारी के साथ सब मिलकर लड़ेंगे, तो जल्दी इस मुसीबत से छुटकारा पाएंगे। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा यह मानना है कि लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं होता है, लॉकडाउन से कोरोना की गति कम हो जाती है। मेरा हमेशा से यह मानना है कि किसी भी राज्य या शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था अपनी सीमा तक पहुंच जाए, तो लॉकडाउन लगाना जरूरी हो जाता है, ताकि मरीजों की संख्या कम हो जाए, ताकि स्वास्थ्य सिस्टम को और दुरुस्त किया जा सके। यह जो 6 दिन का लॉकडाउन हम लगा रहे हैं, इन छह दिनों के अंदर हम बहुत बड़े स्तर के ऊपर और दिल्ली में बेड की व्यवस्था करेंगे। केंद्र से मदद मांग रहे हैं, उनसे लगातार संपर्क में हैं। केंद्र सरकार हमारी मदद भी कर रही है, उसके लिए हम केंद्र सरकार के शुक्रगुजार हैं।



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