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Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों है खास दिन, क्या करते हैं ईसाई लोग इस दिन?

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 (09:14 IST)
Good Friday, Christianity and Jesus Christ: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, जो हर साल ईस्टर से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। इसे ईसाई समुदाय में येसु मसीह (Jesus Christ) के क्रूस पर चढ़ने और मानवता के उद्धार के लिए उनके बलिदान के रूप में याद किया जाता है।ALSO READ: Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए

ईसाई मान्यता के अनुसार, येसु मसीह ने मानव जाति के पापों को दूर करने और लोगों को ईश्वर के मार्ग पर चलाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इसलिए गुड फ्राइडे को 'गुड' यानी अच्छाई और उद्धार का दिन कहा जाता है।
 

आइए यहां विस्तार से समझते हैं:

गुड फ्राइडे क्यों है खास?

यह दिन ईसा मसीह के क्रूस (Sufferings and Crucifixion) पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु की याद दिलाता है।
 
बलिदान का प्रतीक: ईसाई मान्यता के अनुसार, ईसा मसीह ने पूरी मानवता के पापों का प्रायश्चित करने के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया था।
 
'गुड' शब्द का अर्थ: भले ही यह दिन दुखद है, लेकिन इसे 'गुड' (शुभ) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह मानवता के उद्धार और प्रेम की जीत का प्रतीक माना जाता है। पुरानी अंग्रेजी में 'गुड' का अर्थ 'पवित्र' (Holy) भी होता था।
 
ईस्टर से संबंध: गुड फ्राइडे के तीसरे दिन ईसा मसीह पुनर्जीवित हो गए थे, जिसे ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है।
 

ईसाई लोग इस दिन क्या करते हैं?

गुड फ्राइडे उत्सव का नहीं, बल्कि शोक, प्रार्थना और आत्म-चिंतन का दिन है। इस दिन निम्नलिखित गतिविधियां की जाती हैं:
 
चर्च में विशेष प्रार्थना: चर्चों में दोपहर के समय (विशेषकर 12 से 3 बजे के बीच) विशेष प्रार्थना सभाएं होती हैं। माना जाता है कि इसी समय ईसा मसीह ने क्रूस पर कष्ट सहे थे।
 
उपवास और परहेज़: कई लोग इस दिन उपवास रखते हैं या केवल शाकाहारी भोजन करते हैं। मांस खाने से परहेज किया जाता है।
 
कोई सजावट नहीं: इस दिन चर्चों से घंटियां नहीं बजतीं, मोमबत्तियां नहीं जलाई जातीं और वेदियों को खाली रखा जाता है। यह दुख व्यक्त करने का एक तरीका है। इस दिन चर्चों से घंटियों के बजाय लकड़ी के खटखटों की आवाज गूंजती है।
 
क्रूस के मार्ग (Stations of the Cross): कई जगहों पर ईसा मसीह के अंतिम सफर का नाट्य रूपांतरण किया जाता है या 14 'स्टेशनों' के माध्यम से उनके कष्टों को याद करते हुए प्रार्थना की जाती है।
 
सेवा और दान: लोग इस दिन शांत रहते हैं और गरीबों व जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
 
एक दिलचस्प बात: गुड फ्राइडे के दिन चर्च में ईसा मसीह के उन अंतिम सात वाक्यों को याद किया जाता है, जो उन्होंने क्रूस पर कहे थे। इनमें सबसे प्रमुख है- 'हे परमपिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।'
 
संक्षेप में कहा जाए तो गुड फ्राइडे ईसाई धर्म में त्याग, शोक और उद्धार का प्रतीक दिन है। यह दिन येसु मसीह के बलिदान को याद करने और उनके उपदेशों पर चलने की प्रेरणा देता है।
 
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