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बचपन को संवारने की जरूरत

बुधवार,नवंबर 14, 2018
Childrens Day
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बाल दिवस पर बच्चों की मासूमियत को दर्शाते 5 हल्के-फुल्के मजेदार चुटकुले
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नेहरू चाचा तुम्हें सलाम अमन-शांति का दे पैगाम
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बाल दिवस, हर साल मनाया जाने वाला त्योहार। पर लगता है दुनिया में धीरे-धीरे बच्चों का अकाल पड़ता जा रहा है। पहले बचपन यानी चौदह-पंद्रह साल तक, पर गतिशील समाज में बचपन सिकुड़ता जा रहा है। टीन-एज गोया उम्र के दौर से गायब हो गई है। हर जगह बच्चों में ...
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बच्चों में संस्कारों का विकास हमेशा अपने से बड़ों को देखकर ही होता है इसलिए अपने आचरण को सही रखना भी उतना ही जरूरी है जितना बच्चे पर ध्यान देना। कहते हैं न 'अगर ठीक से खाद डाली जाए, तो पौधा बहुत सुंदर होता है' और संस्कार उसी खाद का काम करते हैं।
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स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री और 6 बार कांग्रेस अध्यक्ष के पद को सुशोभित करने वाले (लाहौर 1929, लखनऊ 1936, फैजपुर 1937, दिल्ली 1951, हैदराबाद 1953 और कल्याणी 1954) पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद में हुआ।
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14 नवंबर : बाल दिवस पर निबंध

मंगलवार,नवंबर 13, 2018
हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। इसी दिन स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था, उन्हें बच्चों से बेहद लगाव और प्रेम था।
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बच्चे बहुत नाज़ुक मन के होते हैं, बिलकुल गीली मिट्टी जैसे। उन्हें आप जो सीखाना चाहते वे तुरंत ही सीख जाते है। छोटे बच्चों के ढ़ेरो अजीब प्रकार के सवाल होते है, कई बार वे आपसे ऐसे कुछ सवाल कर देते हैं जिन्हें उनकी इस नासमझी वाली उम्र में समझा पाना बेहद ...
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आमतौर पर अभिभावक बच्चे की पढ़ाई में रुचि को ही उसके जीवन में भी सफल होने का एकमात्र पैमाना मान लेते हैं, जो कि सही नहीं है। पढ़ाई, प्रमाण-पत्र व शैक्षिक उपाधि या डिग्री प्राप्त करना एक बात है
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पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद के एक धनाढ्य परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूपरानी था।
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स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव और प्रेम था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन को 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती किलकारियां बरकरार रहें इसके ईमानदार प्रयास हमें ही तो करने हैं।
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भारत के पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 इलाहाबाद में हुआ था। उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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गुड़िया मुझसे यह सवाल पूछ रही थी, 'मम्मी यौन उत्पीड़न का मतलब क्या होता है?' मैने खुद को संयत करने की कोशिश की थी।
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मेरी समस्या यह नहीं है कि बच्चे इतने समझदार क्यों है बल्कि इतनी जल्दी क्यों है? बचपन एक बार जाने के बाद वापस नहीं आएगा... जिंदगी का शायद सबसे स्वर्णिम अध्याय यही है।
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पं. नेहरू ने पंचशील का सिद्धांत प्रतिपादित किया और 1954 में 'भारत रत्न' से अलंकृत हुए। नेहरूजी ने तटस्थ राष्ट्रों को संगठित किया और उनका नेतृत्व किया।
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चाचा नेहरू अब तक के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री माने जाते हैं। इसकी वजह थी उनका हास्यप्रिय स्वभाव और नन्हे बच्चों के प्रति अनुराग। प्रस्तुत है कुछ दिलचस्प किस्से.....
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सफेद खादी का कुर्ता और उस पर एक जॉकेट, जिसमें बीच के बटन की जगह टँका हुआ एक खूबसूरत गुलाब का फूल। चेहरे पर एक सौम्य और चुंबकीय आकर्षण से भरी हुई मुस्कराहट।
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चाचा नेहरू बच्चों में कल की दुनिया की बेहतर तस्वीर देखते थे। उन्हें बेतहाशा प्यार देना चाहते थे और चाहते थे कि वे आगे चलकर इस धरती पर बसी दुनिया को खूबसूरत बनाएँ, सजाएँ, सँवारें और...
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बाल दिवस पर निबंध

रविवार,नवंबर 12, 2017
पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहबाद में हुआ था। उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। नेहरू जी का बच्चों से बड़ा स्नेह था और वे बच्चों को देश का भावी निर्माता मानते थे। बच्चों के प्रति उनके इस स्नेह भाव के कारण बच्चे ...
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