छठ का शुभ पर्व आरंभ : जानिए सूर्योदय-सूर्यास्त समय, पूजा और पारण का मंगल मुहूर्त


इस वर्ष छठ पूजा 20 नवंबर यानी शुक्रवार को है। छठ पूजा का प्रारंभ दो दिन पूर्व चतुर्थी तिथि को से होता है, फिर पंचमी को लोहंडा और खरना होता है।
छठ पूजा हर वर्ष का​र्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होती है। दिवाली के बाद छठ सबसे बड़े त्योहारों में माना गया है। इस बार छठ की पूजा नवंबर यानी शुक्रवार को है।

उत्तर भारत और खासतौर से बिहार,यूपी,झारखंड में इस त्योहार का बेहद खास महत्व होता है।

छठ पूजा का प्रारंभ दो दिन पूर्व चतुर्थी तिथि को नहाय खाय से होता है, फिर पंचमी को लोहंडा और खरना होता है। उसके बाद षष्ठी तिथि को छठ पूजा होती है, जिसमें देव को शाम का अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद अगले दिन सप्तमी को सूर्योदय के समय में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और फिर पारण करके व्रत को पूरा किया जाता है। तिथि के अनुसार, छठ पूजा 4 दिनों की होती है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष छठ पूजा की तिथियां क्या हैं
पहला दिन- नहाय-खाय
छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि से होती है।

यह छठ पूजा का पहला दिन होता है, इस दिन नहाय खाय होता है।

इस वर्ष 18 नवंबर (बुधवार) को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:46 बजे और सूर्यास्त शाम को 05:26 बजे पर होगा।

दूसरा दिन- लोहंडा और खरना
लोहंडा और खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है।
यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है।

इस वर्ष लोहंडा और खरना 19 नवंबर दिन गुरुवार को है।

इस दिन सूर्योदय सुबह 06:47 बजे पर होगा और सूर्यास्त शाम को 05:26 बजे पर होगा।

तीसरा दिन- छठ पूजा (सन्ध्या अर्घ्य)
छठ पूजा का मुख्य दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को होता है। इस दिन ही छठ पूजा होती है। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है इस वर्ष छठ पूजा 20 नवंबर को है।

इस दिन सूर्यादय 06:48 बजे पर होगा और सूर्योस्त 05:26 बजे पर होगा।

छठ पूजा के लिए षष्ठी तिथि का प्रारम्भ 19 नवंबर को रात 09:59 बजे से हो रहा है, जो 20 नवंबर को रात 09:29 बजे तक है।

चौथा दिन- सूर्योदय अर्घ्य (पारण का दिन)
छठ पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि होती है। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है।

इस वर्ष छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 21 नवंबर को होगा।




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