होम साइंस में रोजगार के अवसर
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डॉ. जयंतीलाल भंडारी होम साइंस विषय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर करने के उपरांत रोजगार के क्या अवसर हैं? माधुरी चौरसिया, बीना (सागर)/ अनुष्का गोखले, खरगोन। -
होम साइंस एक विस्तृत और रोजगार संभावनाओं से युक्त अध्ययन क्षेत्र है। होम साइंस विषय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर करने के उपरांत न केवल सरकारी व प्राइवेट नौकरियाँ हासिल की जा सकती हैं बल्कि कई प्रकार के स्वरोजगार भी प्रारंभ किए जा सकते हैं। राज्य लोक सेवा आयोगों द्वारा समय-समय पर कई तरह की रिक्तियाँ प्रकाशित की जाती हैं जिनमें सिर्फ होम साइंस की छात्राएँ ही आवेदन कर सकती हैं। इसी प्रकार संघ लोक सेवा आयोग भी रिक्तियाँ प्रकाशित करता है जिसमें आवेदन के लिए होम साइंस की किसी भी शाखा में स्नातक व स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। होम साइंस की पढ़ाई के बाद बहुत-सी युवतियाँ गृह विज्ञान पर आधारित लघु उद्योग की शुरुआत करके अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। भारतीय नौसेना में आर्टिफिसर अप्रैंटिस की भर्ती कैसे की जाती है? अशोक राठौर, दमोह।-
भारतीय नौसेना के सबमैरिन्स, हथियारों व हवाई जहाजों के संचालन, रखरखाव तथा प्रबंधन के लिए इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित पुरुषों की भर्ती आर्टिफिसर अप्रैंटिस के रूप में की जाती है। चार साल के प्रशिक्षण के बाद उन्हें इलेक्ट्रिकल/ मैकेनिकल/ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के साथ ही नियुक्ति भी प्रदान की जाती है। इस पद पर भर्ती के लिए 10+2 परीक्षा भौतिक विज्ञान और गणित विषयों सहित कम से कम 55 प्रश या अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। चयन शारीरिक योग्यता परीक्षा व मेडिकल परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद होता है। लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र द्विभाषी वैकल्पिक प्रकार के होते हैं। प्रश्नपत्र 10+2 स्तर का होता है। प्रश्नपत्र में अँगरेजी, सामान्य ज्ञान, विज्ञान व गणित के प्रश्न होते हैं। प्रश्नपत्र की अवधि 1 घंटे की होती है। क्या कम्प्यूटर क्षेत्र में डीटीपी ऑपरेटर कोर्स करने के बाद रोजगार मिल जाता है? जयकिशन सुमन, मुरार (ग्वालियर)।-
कम्प्यूटर क्षेत्र में डीटीपी ऑपरेटर कोर्स करने के बाद रोजगार की संभावनाएँ बन जाती हैं। बड़े नगरों में ही नहीं, गाँवों में भी डीटीपी ऑपरेटर कोर्स के बाद करियर बनाया जा सकता है। यह कोर्स अच्छे कम्प्यूटर संस्थान से किया जाना चाहिए। कोर्स करने के साथ-साथ नियमित रूप से कम्प्यूटर पर प्रैक्टिस की जानी जरूरी है।
प्रोटीन मैपिंग क्या है? इससे संबंधित कोर्स कहाँ उपलब्ध हैं? विभा जायसवाल, मनावर (धार)।-
प्रोटीन मैपिंग बायोकेमिस्ट्री की ही एक शाखा है। इसके स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु बायोलॉजी समूह से स्नातक उपाधि आवश्यक है। यह कोर्स टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिचर्स, मुंबई/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली/ सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ में उपलब्ध है।कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी कहाँ से प्राप्त की जा सकती हैं? अजय श्रीवास, पिपरिया (होशंगाबाद)।-
इस हेतु आप सचिव, एक्सटर्नल स्कॉलरशिप डिवीजन, ईएस-4, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, कर्जन रोड, नई दिल्ली से संपर्क करें। ऑक्यूपेशनल थैरेपी का कोर्स कौन कर सकता है? प्रतिभा गोयल, देवगुराड़िया (इंदौर)।-
ऑक्यूपेशनल थैरेपी में किसी व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक रोग का उपचार किया जाता है। यह कोर्स जीव विज्ञान समूह से 12वीं उत्तीर्ण छात्र कर सकते हैं। मार्केटिंग मैनेजमेंट में पत्राचार माध्यम से डिप्लोमा पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश के किस विश्वविद्यालय में उपलब्ध है? नितिन पाराशर, बड़वानी।-
पत्राचार माध्यम से मार्केटिंग मैनेजमेंट में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम मध्यप्रदेश के भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल से किया जा सकता है। सुगंध चिकित्सा से संबंधित कोर्स कहाँ से किया जा सकता है? अभिलाषा सेंगर, सरकंडा (बिलासपुर)।-
सुगंध चिकित्सा से संबंधित कोर्स इन संस्थानों में उपलब्ध है- सुगंध और स्वाद विकास केंद्र, मार्कन्ड नगर, कन्नौज, उत्तरप्रदेश/ केलर एजुकेशनल ट्रस्ट, मुंबई/ शहनाज हुसैन स्कूल ऑफ ब्यूटी, नई दिल्ली। जर्मन भाषा का कोर्स कहाँ से किया जा सकता है? कीर्ति साहू, धमतरी।-
जर्मन भाषा के पाठ्यक्रम इन संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे हैं- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली/ उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर, उड़ीसा/ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी/ एसएस विश्वविद्यालय, वडोदरा, गुजरात।