उम्र बढ़ती है तो बढ़ने दो...
ND
चेंज इज द रूल ऑफ नेचर
सिर के कई हिस्सों से झाँकती, चेहरे पर खिंचतीं लकीरें और ऐसे ही कई परिवर्तन...। इन्हें लेकर परेशान होने की बजाय इस बात को सहज भाव से लीजिए कि ये तो प्रकृति का नियम है। और फिर, अगर ये परिवर्तन नहीं होते तो क्या आप अपने युवा होते बच्चों की उपलिब्धयों का मजा ले पाते? परिवर्तन ऐसी कई सारी खुशियाँ भी तो लेकर आता है। तो इसलिए परिवर्तनों का मजा लें।
डर कैसा
हम सब जानते हैं कि हमारी डोर ऊपरवाले के हाथ में है और एक दिन वह डोर झटके से खींच ली जाएगी। यही आखिरी सच है। इसके बावजूद हम सब मृत्यु से डरते हैं। शायद इसलिए भी कि हमारे जाने के बाद हमारे प्रियजनों का क्या होगा? लेकिन समय हर दुख की दवा होता है। वे लोग कुछ समय दुखी रहेंगे फिर जीवन उन्हें व्यस्त कर देगा। इसलिए यह सोचने की बजाय खुश रहिए।
मैंने तुमको माफ किया
किसी की बात या बुरे लम्हों को दिल से चिपकाए रखने से आप कई खुशनुमा पलों को खो देते हैं। इसलिए दूसरों को माफ कीजिए और बुरे अनुभवों से सबक लेकर उन्हें भूल जाइए। यह आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छा साबित होगा।
अभी तो मैं जवान हूँ
खुद को हमेशा किसी युवा की तरह ऊर्जावान महसूस कीजिए। उम्र सिर्फ संख्याओं के बढ़ने से ही नहीं बढ़ती, बल्कि इस बात से भी बढ़ती हुई महसूस होती है कि हम खुद को उम्रदराज महसूस करने लगते हैं। इसलिए स्वस्थ रहिए, खुश रहिए और दिल से ये बात निकाल दीजिए कि इस साल आपने कौन-सा जन्मदिन मनाया था।
पैसा भी जरूरी है
जिंदगी को आरामदायक रूप से बिताने के लिए धन की भी जरूरत होती है। इसलिए युवावस्था में अच्छी बचत कीजिए और बुढ़ापे में उसे खुद के लिए भी बचाकर रखिए। अपने जीवनसाथी के साथ रिटायरमेंट का मजा लीजिए। सब कुछ बच्चों पर न्योछावर करने की बजाय खुद के लिए भी बचाइए। जिंदगी को बच्चों या किसी के भी भरोसे पर चलने के लिए कभी मत छोड़िए।

