dharma sangrah

Budget के गोपनीय पहलू

Updated: गुरुवार, 27 जनवरी 2022 (19:18 IST)
आमतौर पर बजट निर्माण की प्रक्रिया सितम्बर-अक्टूबर के महीने से शुरू हो जाती है। दिसम्बर के अंत तक करीब-करीब सभी मंत्रालय अपने-अपने खर्च और नई योजनाओं का ब्योरा वित्त मंत्रालय को भेज देते हैं।
 
इसके बाद बजट निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आती है। यह क्रम प्रतिवर्ष जारी रहता है। यानी यह कहा जा सकता है कि बजट का निर्माण एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है।
 
समूचे बजट में दो प्रस्ताव अत्यन्त महत्वपूर्ण होते हैं। पहला कर प्रस्ताव और दूसरा नई आर्थिक योजनाओं की घोषणा। इन दोनों प्रस्तावों का फैसला राजनीतिक स्तर पर होता है।
 
इसकी जानकारी सिर्फ वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री को ही रहती है। नई योजनाओं की जानकारी संबद्ध मंत्रालयों को भी रहती है, लेकिन कर प्रस्तावों को तो अत्यन्त गोपनीय ही रखा जाता है।
 
केन्द्रीय मंत्रिमंडल के मंत्रियों को भी इसकी भनक बजट पेश होने के केवल एक घंटे पूर्व ही लग पाती है। जिस तारीख की सुबह बजट 11 बजे संसद में पेश होता है, तो उस पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मुहर 10 बजे लगती है, लेकिन आजकल गोपनीयता बरतने की परंपरा कुछ कमजोर हुई है।
 
कई बार बजट संसद में पेश होने से पहले ही लीक हो जाता है। कुछ लोग तो यह दावा करते हैं कि उदारीकरण के दौर में विश्वबैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के इशारे पर ही बजट बनाया जा रहा है। बजट को निम्न बिन्दुओं से समझा जा सकता है...
 
1. वित्तमंत्री का भाषण : यह दो भागों में होता है। पहले भाग में सामान्य आर्थिक परिदृश्य का विवरण होता है, जबकि दूसरे भाग में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों के अलावा आगामी वर्ष में आर्थिक मोर्चे पर सरकार द्वारा ली जाने वाली पहलकदमियों का ब्योरा रहता है।
 
2. वार्षिक वित्तीय कथऩ : यह बजट का मुख्य दस्तावेज है, जिसमें आगामी वित्तवर्ष के लिए अनुमानित सरकारी आय और व्यय पर विस्तृत टिप्पणी होती है।
 
3. बजट का सार : इस दस्तावेज में पूरे बजट का सार संक्षिप्त आंकड़ों और ग्राफों में दर्शाया रहता है। राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त होने वाली और उनको दी जाने वाली रकम का ब्योरा भी इस दस्तावेज में रहता है।
 
4. वित्त विधेयक : सरकार द्वारा प्रस्तावित कर प्रस्तावों की विस्तृत सूची के अलावा इस दस्तावेज में वित्त विधेयक का व्याख्यात्मक प्रपत्र भी शामिल रहता है।
 
5. बजट प्राप्तियां : इस दस्तावेज में आगामी वर्ष के लिए सरकार को मिलने वाली अनुमानित सम्पूर्ण राजस्व और पूंजी प्राप्तियों का विस्तृत ब्योरा रहता है। सरकार को मिलने वाले अनुमानित घरेलू और विदेशी कर्जे का भी इसमें उल्लेख रहता है।
 
6. बजट व्यय : यह दस्तावेज सरकार द्वारा आगामी वर्ष में खर्च की जाने वाली राशि का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करता है। विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों को खर्चे के लिए कितनी राशि मिलेगी और कितनी राशि आयोजना व गैर आयोजना पर खर्च होगी, का भी इसमें विवरण रहता है।
 
7. अनुदान की मांग : इसमें विभिन्न मंत्रालयों की अपनी निजी मांगों के साथ-साथ अनुदानों की समस्त मांगों का सारांश होता है।
 
इसके अतिरिक्त एक पतली-सी पुस्तिका भी जारी की जाती है, जिसमें उपर्युक्त सभी दस्तावेजों की सूचना और व्याख्या होती है।
 

Show comments

मुंबई में अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- 2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC

पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई, 252 मदरसे होंगे बंद, 100 मदरसों को थमाया नोटिस, शुभेंदु सरकार ने क्‍यों लिया यह फैसला?

अभिजीत दीपके ने खुद को बताया MP का CM, प्रदेश सरकार पर कसा तंज, शेयर किया X पर इस्तीफा, क्‍यों जताया PM मोदी का आभार?

BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग ने ग्लोबल साउथ को मजबूत करने पर दिया जोर, पेश कीं 5 पहल

AI को लेकर क्यों छिड़ी बहस? अमोडेई की चेतावनी के समर्थन में आए मस्क और ऑल्टमैन

सभी देखें

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद के करीबी गुर्गे को पाकिस्‍तान में निपटाया, कराची में हड़कंप, अज्ञात ने गोलियों से भूना

बिहार NDA में UCC पर घमासान, अमित शाह के दावे के बाद JDU में असंतोष

गुरुग्राम में फीमेल बाइकर को टक्कर मारने वाली कार निकली आर्मी जवान की, बोला- दोस्त का भाई गाड़ी लेकर भागा

Disha Salian case: 6 साल बाद दर्ज हुई FIR, किन बड़े नामों की हो रही जांच, क्‍या है एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत से कनेक्‍शन?

अगला लेख