Hanuman Chalisa

महानगरों में संपत्ति कर बढ़ाने का प्रस्ताव

Updated: मंगलवार, 31 जनवरी 2017 (18:52 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने महानगरों में बुनियादी ढांचे के विकास तथा जल निकासी, पेय जल, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं बढ़ाने के लिए संपत्ति कर में वृद्धि का प्रस्ताव किया है।
       
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा मंगलवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में कहा है कि महानगरीय स्‍तर पर संपत्ति कर का दोहन अतिरिक्‍त राजस्‍व सृजन के लिए किया जा सकता है। 
      
सर्वेक्षण में कहा गया है कि शहरी स्‍थानीय इकाइयों का मुख्य दायित्‍व शहरों का विकास और सेवा प्रदान करना है, लेकिन ये बड़े बुनियादी ढांचे की कमी, अपर्याप्‍त वित्‍त और खराब प्रशासन की क्षमता से संबंधित बड़ी समस्‍याओं से जूझ रही हैं। प्रत्‍येक महानगर पानी, बिजली आपूर्ति, अपशिष्‍ट प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन,शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य सेवा और प्रदूषण की समस्‍या से संबंधित चुनौतियों का सामना कर कर रहा है।
        
सर्वेक्षण के अनुसार, बेहतर सेवा आपूर्ति और संसाधनों, स्‍व राजस्‍व, कर्मचारियों की संख्‍या और प्रति व्‍यक्ति पूंजी व्‍यय के बीच गहरा संबंध है। संपत्ति कर के क्षेत्र में बड़ी संभावना है और महानगर के स्‍तर पर अतिरिक्‍त राजस्‍व सृजन के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 
 
सर्वेक्षण में कहा गया है कि बेंगलुरु पांच प्रतिशत और जयपुर 20 प्रतिशत से अधिक संभावित संपत्ति कर की वसूली नहीं कर रहे हैं। (वार्ता)
Show comments

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

सड़कों पर Gen-Z हुंकार, सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी आंदोलन तक, दिल्ली- मुंबई में दिखा Gen-Z गर्ल्‍स की निडरता

Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

सभी देखें

अमेरिकी कोर्ट का ट्रंप को बड़ा झटका, H-1B Visa पर भारी शुल्क लगाने के फैसले पर जारी रहेगी रोक

CJP का आंदोलन खत्म, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोचों का ऐलान, सभी प्रदर्शनकारी घर जाएं

अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल ने डुबोया बाजार! एक हफ्ते में सेंसेक्स 2092 अंक टूटा, जानें अगले सप्ताह कैसी रहेगी चाल

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी CJP का धरना जारी, क्या है उनकी 2 अन्य बड़ी मांगें

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का अंतत: इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों को भी लिखा खत

अगला लेख