...इसलिए कि हौसले बुलंद हैं-पवन बंसल
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उन्होंने बजट पेश करते समय बीच-बीच में कहा-
* न बहारों से बात करनी है, न चांद सितारों से बात करनी है, जब दरिया को पार करना हो तो किनारों से बात करनी है।
*दरख्त पर बैठे परिंदे को गिरने का डर नहीं। इसलिए नहीं कि शाखा मजबूत है, इसलिए कि हौसला बुलंद है।
*हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, हर हाल में सूरत बदलनी चाहिए।
- वेबदुनिया

