dharma sangrah

वी. शांताराम को गूगल ने किया याद

Updated: शनिवार, 18 नवंबर 2017 (18:01 IST)
महान फिल्मकार वी. शांताराम को आज गूगल ने याद किया। 18 नवंबर को वी. शांताराम का जन्मदिन है। इस फिल्मकार के बारे में आज के युवा ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं, संभव है कि गूगल के बहाने उन्हें इस निर्माता-निर्देशक-अभिनेता के बारे में जानने का मौका मिलेगा। डूडल में शांताराम का फोटो, कैमरा और उनकी फिल्मों की तस्वीरें नजर आ रही हैं। 
 
18 नवंबर 1901 को जन्मे शांताराम का पूरा नाम शांताराम राजाराम वणकुद्रे था। उन्होंने डा. कोटनीस की अमर कहानी (1946), झनक झनक पायल बाजे (1955), दो आंखें बारह हाथ (1957), नवरंग (1959), जल बिन मछली नृत्य बिन बिजली,  आदमी, पड़ोसी, गीत गाया पत्थरों ने जैसी शानदार फिल्में बनाईं। 
 
शांताराम के बैनर का नाम प्रभात फिल्म कंपनी था। इस बैनर तले उन्होंने कई हिंदी और मराठी फिल्में बनाईं। शांताराम ने अपनी फिल्मों में मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों को भी उठाया। उनकी फिल्मों में नृत्य और संगीत पर विशेष ध्यान दिया जाता था। 
 
शांताराम की गिनती भारत के महान फिल्मकारों में होती है जिन्होंने फिल्मों के जरिये समाज को जागृत करने की कोशिश की।

Show comments

‘हनुमान अंश’ की शूटिंग में थे सख्त नियम, सेट पर गाली-गलौज से लेकर नॉन-वेज और शराब तक पर थी पाबंदी

'जवान' के 3 साल बाद भी छाया दीपिका पादुकोण का जादू, ऐश्वर्या राठौर के 6 साड़ी लुक्स आज भी हैं आइकॉनिक

'तुम्बाड 2' पर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का बड़ा अपडेट, बोले- कहानी आगे बढ़ रही है

मोहनलाल की नई फिल्म 'L367' के टाइटल से उठा पर्दा, 'ऑपरेशन गंगा' का फर्स्ट लुक आउट

'ये मेरा काम नहीं है...', Bigg Boss 20 के सेट पर पैपराजी पर भड़के सलमान खान

सभी देखें

यश की 'Toxic' का बॉक्स ऑफिस पर निकला दम, 3000 करोड़ का सपना चकनाचूर; जानें सुपर फ्लॉप होने के 5 बड़े कारण

बिना स्टार, बिना प्रमोशन... फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छा गई 'हनुमान अंश', बाबा नीब करौरी के चमत्कार या कुछ और? जानें 5 बड़े कारण

यश की ‘टॉक्सिक’ बॉक्स ऑफिस पर क्या होगा? सुनामी आने को तैयार, 5 दिन में रिकॉर्डतोड़ कमाई का प्लान

सनी देओल की 'बंटवारा 1947' बॉक्स ऑफिस पर क्यों हुई धड़ाम? भारी पड़ गईं ये 5 बड़ी गलतियां

दिशा पाटनी की टोन्ड बॉडी का खुला राज: रोज करती हैं ये वर्कआउट, ऐसी है उनकी डाइट और लाइफस्टाइल

अगला लेख