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महेश भट्ट, प्रकाश झा और सद्गुरु बयां करेंगे अपने संघर्ष की कहानी, संग्राम सिंह लेकर आ रहे नया टॉक शो 'खुद से संग्राम'
प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया को जीतने और भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाने के बाद, कॉमनवेल्थ हैवीवेट गोल्ड मेडलिस्ट और एमएमए चैंपियन संग्राम सिंह अब एक नई चुनौती से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। यह मशहूर एथलीट जल्द ही एक दिल को छू लेने वाला डिजिटल टॉक शो शुरू करने जा रहा है, जो ग्लैमर की दुनिया से हटकर मानवीय संघर्ष की अडिग भावना पर ध्यान केंद्रित करेगा।
यह संग्राम सिंह की एक बेहद प्रेरणादायक पहल है। खेल के मैदान (रिंग) से निकलकर "जिंदगी के मैदान" में कदम रखना और मानवीय संघर्ष को सामने लाना, वाकई एक दमदार कदम है।
खुद से "संग्राम"
बचपन में अर्थराइटिस और पैरालिसिस जैसी बीमारियों को हराकर एक वर्ल्ड-क्लास एथलीट और एमएमए चैंपियन बनने वाले संग्राम सिंह खुद "संग्राम" (संघर्ष) के मायने बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उनका यह नया शो—जिसका नाम फिलहाल खुद से संग्राम—जीत के पीछे छिपे आंसुओं को दिखाने की इच्छा से पैदा हुआ है।
"दुनिया सिर्फ ताज, मेडल और चमक-दमक देखती है, लेकिन वे अक्सर उन घावों और कुर्बानियों को भूल जाते हैं जिनसे सफलता का रास्ता बनता है।"
यह शो इसी दूरी को पाटने का काम करेगा, और उन दिग्गजों के जीवन के गहरे अनुभवों और "असली जिंदगी के दर्द" को सामने लाएगा, जिन्होंने सिर्फ और सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत के दम पर सफलता के शिखर को छुआ है। यह शो प्रेरणा की एक बेहतरीन पाठशाला होने का वादा करता है, जिसमें आध्यात्मिकता, खेल और शासन (governance) की दुनिया से जुड़ी हस्तियां शामिल होंगी।
ये वो लोग हैं जिन्हें दुनिया आज उनकी ताकत और बुद्धिमत्ता के लिए जानती है, महेश भट्ट से लेकर, प्रकाश झा, सद्गुरु से लेकर पंडित श्री श्री रवि शंकर और राजनीति और खेल से ऐसे तमाम असल हिरे निकलेंगे जिनकी चमक आज दुनिया तो देख रही हैं पर उन अंधेरो के बारें में लोग नही जानते जो उनके जीवन का एक अहम हिस्सा रह चुका हैं। जी हां बहुत कम लोग उस "आत्मा के अंधेरे दौर" (कठिन समय) के बारे में जानते हैं जिससे वे गुजरे हैं।
चकाचौंध से परे
इस प्रोजेक्ट के पीछे के अपने दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए संग्राम सिंह ने कहा, हर सफलता की कहानी में संघर्ष का एक छिपा हुआ अध्याय होता है। लोग रोशनी तो देखते हैं, लेकिन उस आग को नहीं देखते जो उसे बनाने के लिए जली थी। यह शो दिल से रूह तक का एक सफर है। मैं उन लोगों की कहानियां सामने लाना चाहता हूँ जिन्होंने आज इस मुकाम तक पहुँचने के लिए अपने आंतरिक और बाहरी 'संग्राम' लड़े हैं। अब समय आ गया है कि हम सफलता के साथ-साथ संघर्ष का भी जश्न मनाएं।
दिल को छू लेने वाला शो
पारंपरिक इंटरव्यू के उलट, इस शो को एक बेहद निजी और आत्मीय बातचीत के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य 'रील लाइफ' के पीछे छिपी 'रियल लाइफ' को दिखाकर इंसानी दिल की गहराइयों को छूना है। कठिनाइयों की इन कहानियों को साझा करके, संग्राम सिंह उन लाखों दर्शकों के लिए उम्मीद की एक नई राह दिखाना चाहते हैं जो वर्तमान में अपनी जिंदगी की लड़ाइयाँ लड़ रहे हैं। यह शो बहुत जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने की उम्मीद है।
