छोटे पर्दे पर कुछ नए का इंतजार

रानी सिंह

ND|
कला फिल्म हो, अपराध की पृष्ठभूमि हो या फिर कोई ऐतिहासिक घटना पर आधारित फिल्म हो, बॉलीवुड की हीरोइनें सभी में रुचि से और कुछ नया करने की मंशा से काम कर रही हैं। "चुप चुप के", "एक चालीस की लास्ट लोकल", "शूट आउट एट लोखंडवाला", "दे दनादन", "रात गई बात गई", "फँस गए रे ओबामा" व अन्य फिल्मों में काम कर चुकीं नेहा धूपिया हालिया रिलीज राकेश रंजन कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म "गाँधी टू हिटलर" में हिटलर की प्रेमिका ईवा ब्राउन की भूमिका में थीं।

इतिहास की विद्यार्थी रहीं नेहा का मानना है कि ऐतिहासिक फिल्म शिक्षाप्रद और रोचक होना चाहिए। साथ ही फिल्म के लिए कैरेक्टर और घटनाओं का इंटरप्रिटेशन किसी एक विचारधारा और एक ही व्यक्ति द्वारा किया जाना चाहिए। राजेश रंजन ने यह काम बहुत खूबसूरती से किया है। अब यह बात और है कि घटनाओं को खूबसूरती से संजोने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिर पड़ी।

फिल्म भले ही न चली हो, पर नेहा ने ईवा की भूमिका के लिए खासी तैयारी की। नेहा कहती हैं, "हिटलर की तुलना में ईवा पर बहुत कम लिखा गया है। इस किरदार को समझने के लिए मैंने बहुत से ऑनलाइन वीडियो देखे व रिसर्च की। ईवा हिटलर से प्यार करती थी और उसके साथ रहना चाहती थी। यह सच है कि वह हिटलर की जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण औरत थी, लेकिन हिटलर ने अपनी किताब में उसे कोई खास तवज्जो नहीं दी।"
नेहा ने ईवा की भावनाओं को समझते हुए ही यह किरदार निभाया है। वे यह भी बताती हैं कि ईवा अपने समय में बहुत ग्लैमरस थी। उसे फोटो खिंचवाना और सैनिकों के ईर्द-गिर्द रहना अच्छा लगता था।

फिल्मों के अलावा नेहा अपने प्रशंसकों से जुड़े रहने के लिए छोटे पर्दे को बढ़िया माध्यम मानती हैं। नेहा छोटे पर्दे से जुड़ना भी चाहती हैं, लेकिन उन्हें किसी ऐसे शो का इंतजार है, जो उनके व्यक्तित्व को सही ढंग से प्रस्तुत करे।



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