हिंदी सिनेमा में बॉक्स ऑफिस पर नए शिखर छूने वाली टॉप फिल्में

मुगल ए आजम

मुगल-ए-आजम (1960)

निर्देशक : के.आसिफ

कलाकार : दिलीप कुमार, मधुबाला, पृथ्वीराज कपूर, दुर्गा खोटे

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मुगल प्रिंस सलीम और अनारकली की प्रेम कहानी को के. आसिफ प्रेम की चाशनी में डूबो कर इस तरह पेश किया कि यह फिल्म भारत की महानतम फिल्मों में शामिल हो गई। के. आफिस ने इसे पूरी तल्लीनता के साथ बनाया और किसी भी किस्म का समझौता नहीं किया। अभिनय, निर्देशन, सिनेमाटोग्राफी, संगीत, गायन हर विधा में यह फिल्म भव्य है। छोटी-छोटी सी चीजों पर ध्यान दिया गया है। प्यार किया तो डरना क्या गाने के लिए बेल्जियम ग्लास से शीश महल बनवाया गया। इस सेट को बनाने में दो वर्ष और पन्द्रह लाख रुपये लगे। उस समय पन्द्रह लाख रुपये में एक फिल्म बन जाती थी। कलाकारों की ड्रेस डिजाइन, जूते, ज्वैलरी में भी लाखों रुपये खर्च किए गए। युद्ध के लिए दो हजार ऊंट, 400 घोड़ों और 8000 हजार जूनियर आर्टिस्टों का प्रयोग किया गया। मुगले आजम को लेकर इतने किस्से हैं कि एक किताब लिखी जा सकती है। दिलीप कुमार और मधुबाला की केमिस्ट्री ऐसी लगती है मानों वे युगों-युगों के प्रेमी हों। मुगले आजम के कारण पृथ्वीराज कपूर को आज भी लोग भूले नहीं हैं। फिल्म के संवाद अद्भु त हैं। मोहे पनघट पे, प्यार किया तो डरना क्या, मोहब्बत की झूठी, तेरी महफिल में, ऐ मोहब्बत जिंदाबाद जैसे गानों से सजी इस फिल्म ने साढ़े पांच करोड़ रुपये का नेट ग्रॉस कलेक्शन किया और यह रिकॉर्ड पन्द्रह वर्ष बाद ही टूट पाया। 2004 में मुगले आजम का रंगीन वर्जन रिलीज किया गया था।

पन्द्रह वर्ष बाद किसने तोड़ा मुगल-ए-आजम का रिकॉर्ड, पढ़िए अगले पेज पर...




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