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राष्ट्रीय डि-एडिक्शन दिवस आज, मोरारजी देसाई की जयंती पर जानें 22 अनसुने तथ्य

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 29 फ़रवरी 2024 (10:50 IST)
Morarji Desai 
 
HIGHLIGHTS
 
• 29 फरवरी श्री मोरारजी भाई देसाई की जयंती।
• सन् 1911 में उनका विवाह गुजराबेन हुआ था।
• मोरारजी भाई देसाई कहते थे कि 'कोई भी, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी देश के कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए'।

National De-Addiction Day: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई की जयंती है। उनका जन्म 29 फरवरी को हुआ था और मोरारजी देसाई का जन्म दिवस राष्ट्रीय डि-एडिक्शन दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि नशामुक्ति समाज के लिए अति आवश्यक है। आइए जानते हैं उनके बारे में खास 22 बातें...
 
1. मोरारजी देसाई का जन्म गुजरात के भदेली में 29 फरवरी 1896 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रणछोड़जी देसाई व माता का नाम मणिबेन था। बचपन में उन्हें क्रिकेट देखने का बहुत शौक था, लेकिन वे क्रिकेट नहीं खेलते थे। मोरारजी देसाई गांधीवादी नीति के परम समर्थक माने जाते थे, लेकिन इस नीति में इन्होंने क्षमाभाव को कभी स्वीकार नहीं किया था। 
 
2. मोरारजी देसाई अध्यात्मवादी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। 
 
3. उनकी शिक्षा-दीक्षा मुंबई के एलफिंस्टन कॉलेज में हुई और मोरारजी के कॉलेज जीवन में महात्मा गांधी, तिलक और अन्य कांग्रेसी नेताओं के भाषणों को सुना था, जिसका उनके जीवन पर काफी प्रभाव रहा।
 
4. मोरारजी भाई देसाई भारत के ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने देश की पहली गैर कांग्रेसी सरकार का नेतृत्व किया था। 
 
5. कांग्रेस में रहते समय श्रीमती इंदिरा गांधी से उनके हमेशा वैचारिक मतभेद रहे। 
 
6. उन्होंने श्रीमती इंदिरा गांधी को उन्होंने 'गूंगी गुड़िया' तक कह दिया था।
 
7. मोरारजी रणछोड़जी देसाई एक गांधीवादी विचारधारा के राजनेता थे। वे इंदिरा गांधी की सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। पर इंदिरा जी से मतभेद होने पर वे सरकार से बाहर हो गए। 
 
8. सन् 1930 में मोरारजी देसाई ब्रिटिश सरकार की नौकरी छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। 
 
9. सन् 1931 में वे गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव निर्वाचित हुए। 
 
10. अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की शाखा स्थापित कर सरदार पटेल के निर्देश पर वे उसके अध्यक्ष बनें। 
 
11. मोरारजी को सन् 1932 में 2 वर्ष की जेल में बिताने पड़े थे। 
 
12. सन् 1952 में इन्हें बंबई/ मुंबई का मुख्यमंत्री बनाया गया। 
 
13. इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर मोरारजी को सन् 1967 में उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री बनाया गया।
 
14. नवंबर 1969 में कांग्रेस के विभाजन के बाद मोरारजी देसाई इंदिरा गांधी की कांग्रेस (आई) का साथ छोड़कर कांग्रेस (ओ) में चले गए। 
 
15. वे सन् 1975 में जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। 
 
16. जब मार्च सन् 1977 में लोकसभा के चुनाव हुए तो जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हो गया। 
 
17. उस समय प्रधानमंत्री पद के दो और दावेदार चौधरी चरणसिंह और जगजीवनराम भी थे। लेकिन जयप्रकाश नारायण ने 'किंगमेकर' की भूमिका का लाभ उठाते हुए मोरारजी देसाई का समर्थन कर दिया था। 
 
18. फिर 24 मार्च 1977 को 81 वर्ष की आयु में मोरारजी देसाई ने भारतीय प्रधानमंत्री का दायित्व ग्रहण किया और 28 जुलाई 1979 तक वे इस पद पर बने रहे।
 
19. मोरारजी देसाई को पाकिस्तान की तरफ से 'तहरीक-ए-पाकिस्तान' का सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान प्राप्त हुआ है। 
 
20. मोरारजी देसाई को भारत सरकार की ओर से 'भारत रत्न' दिया गया है। 
 
21. मोरारजी भाई अपने पिता के बारे में कहते थे- 'मेरे पिता ने मुझे जीवन के मूल्यवान पाठ पढ़ाए थे। मुझे उनसे कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा प्राप्त हुई थी। उन्होंने धर्म पर विश्वास रखने और हर स्थिति में समान बने रहने की शिक्षा भी मुझे दी थी।'
 
22. मोरारजी देसाई का निधन 99 वर्ष और कुछ माह गुजरने के बाद 10 अप्रैल 1995 को मुंबई में हुआ था।

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