बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान बोले योगी आदित्यनाथ, अब नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने की तैयारी

Last Updated: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2020 (16:58 IST)
दरौंदा (सिवान)। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने राजद-कांग्रेस-भाकपा माले महागठबंधन पर बिहार में दोबारा जंगलराज लाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि से के खात्मे के बाद देश से को उखाड़ फेंकने की तैयारी चल रही है।
योगी आदित्यनाथ ने सिवान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खासतौर पर अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण, एक बार में तीन बार तलाक के खिलाफ कानून बनाने एवं जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बिहार के विकास के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में पुन: सरकार बनाए जाने पर बल दिया।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि याद कीजिए, कुछ वर्षों पहले बिहार के सामने पहचान का संकट था। जंगलराज की स्थिति किन लोगों ने पैदा की थी? आज वे फिर से ताक में हैं। इन जातिवादी और वंशवादी ताकतों को परास्त करना है।
विपक्ष, खासतौर पर राजद पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि चुनाव में मतदान के जरिए जातिवादी एवं वंशवादी ताकतों को परास्त करना है। तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 15 साल पहले बिहार के युवा अपनी पहचान छुपाने के लिए मजबूर थे और ऐसा संकट पैदा करने वाले लोग आज बिहार में फिर से रोजगार का झुनझुना दिखाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि जातिवाद के नाम पर परिवारवाद को बढ़ावा देकर और परिवारवाद के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर इन्होंने बिहार को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं की प्रतिभा का पूरी दुनिया लोहा मानती है, लेकिन जातिवादी एवं परिवारवादी ताकतों ने राज्य के युवाओं की प्रतिभा को कुंद किया।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 15 वर्षों में बिहार को विकास के पथ पर लाकर आगे बढ़ाया गया है। विपक्षी महागठबंधन पर तीखा प्रहार हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद ने समाजविरोधी और हिंसा फैलाने वाली ताकतों से गठजोड़ किया है और ये राज्य में विकास को बाधित करना चाहते हैं। राजद-कांग्रेस-भाकपा माले महागठबंधन बिहार में दोबारा जंगलराज लाना चाहते हैं। योगी ने कहा कि लेकिन वे सुन लें कि कश्मीर में आतंकवाद के खात्मे के बाद अब नक्सलवाद को देश से उखाड़ फेंकने की तैयारी चल रही है। अब भारत की धरती पर नक्सलवाद का निशान नहीं रहेगा।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में जब राम मंदिर बनाने की बात चलती थी तब लोग पूछते थे कि मंदिर कब बनेगा? 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भव्य राम मंदिर का शिलान्यास किया और हमने 500 वर्षों की टिस को दूर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि माता सीता के बिना राम अधूरे हैं, ऐसे में मेरी इच्छा थी कि उनके मायके बिहार के हर गांव से लोग समारोह में आएं लेकिन कोरोना के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। लेकिन हम कहना चाहते हैं कि 3-4 वर्षों में जब मंदिर बन जाएगा तब बिहार के लोगों को अयोध्या बुलाने की व्यवस्था होगी।
कश्मीर का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऐसी व्यवस्था की थी कि कोई वहां जमीन नहीं खरीद सकता था लेकिन अब बिहार का भी कोई व्यक्ति कश्मीर में जमीन खरीद सकता है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने का उल्लेख करते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्पष्ट हुआ कि देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे और साथ ही आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने का काम किया गया है।
उन्होंने प्रथम चरण के मतदान को उत्साहवर्द्धक बताते हुए युवाओं से अपील की कि वे भारी संख्या में मतदान करके मतदान प्रतिशत को 70 प्रतिशत पहुंचाएं। योगी ने नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा कोरोनावायरस फैलने के बाद गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा और नि:शुल्क राशन की व्यवस्था करने का जिक्र किया।

उप्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एजेंडा 'सबका साथ, सबका विकास' है और इसके आधार पर जाति, धर्म और पंथ का भेद किए बिना बैंक में जनधन खाता खुला, गरीबों का आवास बना, उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर मिला, बिजली कनेक्शन मिला। (भाषा)



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