20 साल में 7वीं बार नीतीश कुमार फिर बने बिहार के मुख्यमंत्री, BJP कोटे से 2 उप-मुख्यमंत्री

Last Updated: सोमवार, 16 नवंबर 2020 (23:11 IST)
पटना। की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए (Nitish Kumar) ने सोमवार को 2 दशक में 7वीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल फागू चौहान ने कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ भाजपा कोटे से 2 उप-मुख्यमंत्री (तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी) ने भी शपथ ग्रहण की। नीतीश की कप्तानी में सरकार में उनके समेत 15 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की है।
रविवार को कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद को विधानमंडल दल का नेता और बेतिया से विधायक रेणु देवी को उपनेता चुना गया था। तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। दोनों ही उप-मुख्यमंत्री पद भाजपा के कोटे से आए हैं।
नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री पद पर सर्वाधिक लंबे समय तक रहने वाले श्रीकृष्ण सिंह के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की ओर बढ़ रहे हैं,जिन्होंने आजादी से पहले से लेकर 1961 में अपने निधन तक इस पद पर अपनी सेवाएं दी थीं।
Tarkishore Prasad
कुमार ने सबसे पहले 2000 में प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाने के कारण उनकी सरकार सप्ताह भर चली और उन्हें केंद्र में अटलबिहारी वाजपेई की सरकार में मंत्री के रूप में वापसी करनी पड़ी थी।
5 साल बाद वह जद(U) भाजपा गठबंधन की शानदार जीत के साथ सत्ता में लौटे और 2010 में गठबंधन के भारी जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री का सेहरा एक बार फिर से नीतीश कुमार के सिर पर बांधा गया।
मई 2014 में लोकसभा चुनाव में जद(U) की पराजय की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया लेकिन जीत राम मांझी के बगावती तेवरों के कारण उन्हें फरवरी 2015 में फिर से कमान संभालनी पड़ी।
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, देवेन्द्र फडणवीस, सुशील कुमार मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेता मौजूद थे। भाजपा कोटे से सात विधायकों और जनता दल(U) कोटे से पांच विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली।

इसके अलावा ‘हम’ पार्टी से संतोष कुमार सुमन और वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस बार भाजपा से कई बड़े चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला जिसमें सुशील कुमार मोदी, नंद किशोर यादव और प्रेम कुमार शामिल हैं।

नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में शपथ लेने वालों में जद(U) कोटे से विजय कुमार चौधरी का नाम प्रमुख है। इसके अलावा सुपौल से जद(यू) विधायक बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जद(U) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधान पार्षद अशोक चौधरी, तारापुर से विधायक मेवालाल चौधरी तथा पुलपरास से विधायक शीला कुमारी शामिल हैं।
भाजपा के कोटे से नीतीश सरकार में वरिष्ठ नेता एवं विधान पार्षद मंगल पांडे ने शपथ ग्रहण की। पांडे पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके अलावा आरा से भाजपा विधायक अमरेंद्र प्रताप सिंह तथा राजनगर से विधायक रामप्रीत पासवान ने भी शपथ ग्रहण की। रामप्रीत पासवान ने मैथिली में शपथ ली।

नीतीश सरकार में दरभंगा के जाले सीट से विधायक जीवेश कुमार ने भी मैथिली में शपथ ली। औराई से भाजपा विधायक रामसूरत राय ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा से जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष कुमार सुमन ने शपथ ग्रहण की। वहीं विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। सहनी ने इस बार सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव लड़ा था लेकिन वे चुनाव हार गए थे। वीआईपी पार्टी को चुनाव में 4 सीटें मिलीं।

बिहार में हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में राजग को 125 सीटें मिलीं, जिसमें नीतीश कुमार की जद(U) को 43 जबकि भाजपा को जद(U) से 31 सीट अधिक (74 सीट) हासिल हुईं।

मोदी ने कहा, NDA का परिवार मिलकर काम करेगा : पीएम नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री के रूप शपथ लेने के बाद उन्हें बधाई दी और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि NDA का परिवार राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करेगा।
मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत बधाई। बिहार सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों को भी बधाई। राजग परिवार बिहार के विकास के लिए मिलकर काम करेगा। बिहार के कल्याण के लिए केंद्र की ओर से मैं आपको हरसंभव मदद का आश्वासन देता हूं।’




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