बिहार चुनाव : कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी, 10 लाख नौकरियां देने और कृषि कर्जमाफी का किया वादा

पुनः संशोधित बुधवार, 21 अक्टूबर 2020 (23:55 IST)
पटना। ने बुधवार को के लिए पार्टी का जारी किया। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में 10 लाख नौकरियां, कृषि कर्जमाफी, 1500 रुपए बेरोजगारी भत्ता, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट और हाल ही में अस्तित्‍व में आए 3 कृषि कानूनों को समाप्त करने सहित कई लुभावने वादे किए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी का घोषणा पत्र ‘बदलाव पत्र 2020’ जारी किया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, तारिक अनवर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

बिहार की 243 सदस्‍यीय विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस विपक्षी महागठबंधन में सीटों की साझेदारी के तहत 70 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है, जबकि राजद 144 सीटों, भाकपा माले 19 सीट, भाकपा छह सीट और माकपा चार सीट पर चुनाव लड़ रही है।

इस अवसर पर राज बब्बर ने कहा, 10 लाख लोगों को सरकरी नौकरी देने का निर्णय महागठबंधन की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। जो लोग इसकी हंसी उड़ा रहे हैं, वे खुद हंसी के पात्र बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को रोजगार नहीं मिल सकेगा, उन्हें 1500 रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

राज बब्बर ने कहा कि नीतीश कुमार चार बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने युवाओं को धोखा देने का काम किया, जबकि 4.5 लाख नौकरियां आसानी से दी जा सकती थी। वहीं कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बिहार रोज़गार, औद्योगिक तरक्की, फसल के दाम, शिक्षा व स्वास्थ्य में तरक्की, पेयजल व सस्ती बिजली का अधिकार चाहता है। उन्होंने कहा कि बिहार अपराधियों की सरपरस्ती से मुक्ति और बदहाली की ज़ंजीरों को तोड़ना चाहता है।

बिहार में शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब माफिया को जदयू-भाजपा सरकार के साथ मिलीभगत की वजह से पूरी छूट मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया को नीतीश बाबू की सरकार का संरक्षण है और वे इनकी छत्रछाया में पनप रहे हैं।

कांग्रेस के घोषणा पत्र में कई बातें महागठबंधन के सहयोगियों से मिलती-जुलती हैं। इनमें 10 लाख लोगों को नौकरियां देना और कृषि कर्जमाफी का वादा शामिल है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर विधानसभा के पहले सत्र में हाल ही में बनाए गए कृषि संबंधी तीन कानूनों को समाप्त करने का विधेयक पारित किया जाएगा। कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने इस संबंध में पंजाब का उदाहरण दिया, जहां ऐसा हुआ है।
बिहार के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र में दो एकड़ से कम जोत वाले किसानों की मदद के लिए ‘राजीव गांधी कृषि न्याय योजना’ शुरू करने की बात कही गई है।(भाषा)



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