बेनजीर भुट्टो : खून में बसी राजनीति

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न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर अपनी अहम पहचान रखने वाली दिवंगत बेनजीर भुट्टो के खून में राजनीति रही है। बेनजीर न सिर्फ एक राजशाही परिवार से संबंधित थीं, बल्कि उनका परिवार भी सामंतवादी परिवार रहा है। तो आइए डालते हैं एक नजर बेनजीर के पारिवारिक पटल पर...

सर शाह नवाज भुट्टो : भुट्टो परिवार के सूत्रधार सर शाह नवाज भुट्टो अपने जमाने के ख्याति प्राप्त सामंती सरदार थे। जिन्होंने वर्तमान पाकिस्तान के सिंध में स्थित लरकाना में राज्य किया था। इनकी मृत्यु 1985 में हुई। शाह नवाज ने काफी समय तक जूनागढ़ रियासत के दीवान रहे और अपने पैतृक स्थान के कारण उन्होंने अपने नाम के आगे 'भुट्टो' उपनाम लगाया व भुट्टो परिवार की नींव रखी।

जुल्फिकार अली भुट्टो : 5 जनवरी, 1928 को जन्म लेने वाले जुल्फिकार अली खान ने शाह नवाज के नाम को बढ़ते रुतबे को नया आसमान दिखलाया और 1971 से 1973 तक पाकिस्तानी राष्ट्रपति व 1973 से 1977 तक प्रधान मंत्री की पद संभाली।

जुल्फिकार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के संस्थापक हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक है। 18 मार्च 1978 में जुल्फिकार भुट्टो को लाहोर उच्च न्यायालय ने उनके विरोधियों की हत्या के जुर्म में फाँसी की सजा सुनाई गई व उनकी पत्नी नुसरत भुट्टो और बेटी बेनजीर भुट्टो को पाँच साल कैद की सजा हुई।
बेगम नुसरत भुट्टो : 21 सितंबर 1929 को जन्मीं बेगम नुसरत भुट्टो पाक के पूर्व राष्ट्रपति जुल्फिकार अली खान की पत्नी व बेनजीर भुट्टो की माँ थीं। आजादी के ईरानी मूल की नुसरत सपरिवार कराची में बस गईं, जहाँ उनका विवाह जुल्फिकार अली खान से हुआ। वह जुल्फिकार की दूसरी पत्नी थीं। वर्तमान में नुसरत दुबई में निवास कर रही हैं और एल्जाइमर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं।
आसिफ अली जरदारी : 21 जुलाई 1956 में जन्मे आसिफ अली जरदारी का विवाह 18 दिसंबर 1987 में बेनजीर के साथ हुआ था। आसिफ 'जरदारी जनजाति' के अध्यक्ष रह चुके हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सभा की सदस्यता के साथ-साथ बेनजीर के दूसरे कार्यकाल में पर्यावरण मंत्री के पद पर भी कार्य किया। साथ ही वह सीनेटर के पद पर भी कार्यभार संभाल चुके हैं।
भुट्टो परिवार के अन्य सदस्यों में बेनजीर के भाई शाहनवाज, मुर्तजा, पत्नी घिनवा भुट्टो व उनकी बेटी फातिमा भुट्टो हैं। 1985 में शाहनवाज भुट्टो की मौत पेरिस में रहस्यमय तरीके से हुई थी, जबकि मुर्तजा भुट्टो को पाकिस्तान में 1996 में हत्या कर दी गई थी। सनम भुट्टो जो कि बेनजीर की बहन हैं, राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो चुकी हैं।



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