sundarkand
✕

ऐसे नहाएं कि पूरे दिन शरीर से आए भीनी-भीनी सी खुशबू

Updated: शुक्रवार, 28 सितम्बर 2018 (15:12 IST)
शरीर को रोजाना साफ रखने के लिए आप नहाते तो हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि नहाने के भी कई प्रकार हो सकते हैं। आज आपको बताते हैं, अलग-अलग प्रकार से नहाने के तरीके और कैसे इस प्रकार नहाने से आपको कई तरह के सेहत और सौन्दर्य लाभ मिलते हैं। आइए, जानते हैं-
 
नीम बाथ- 
ये बाथ खासतौर पर उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है, जिनके शरीर पर फोड़े-फुंसी जैसे स्किन डिसीज होते हैं। इसके लिए नीम की पत्तियों व पुदीने की पत्तियों को उबाल लें, अब इस पानी को ठंडा करके अपने नहाने वाले पानी में मिलाएं और इस पानी से नहाएं। नियमित रूप से नीम बाथ लेने पर आपको कील-मुंहासे व फोड़े-फुंसी से निजात मिलेगा।
 
डियो बाथ-
यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जिनके शरीर से बहुत ज्यादा पसीने की बदबू आती है। पसीने की दुर्गंध से बचने के लिए एक बाल्टी पानी में नमक व एक चम्मच डियो मिलाकर इस पानी से नहाएं। इस बाथ को लेने पर ताजगीभरा अहसास होगा। साथ ही दिन भर बॉडी से भीनी-भीनी सी खुशबू आती रहेगी।
 
रोज बाथ- 
ताजे देसी गुलाब के फूलों से नहाने का मजा ही कुछ अलग है। पांच-छह देसी गुलाब के पत्तों को एक अपने नहाने वाले टब में मिलकर रख दें। कुछ समय बाद आप इस पानी से नहाएं। आपका शरीर गुलाब सा महक उठेगा और आपके पास से दिनभर खुशबु आते रहेगी।

ALSO READ: रात को सोने से पहले नहाएंगे तो मिलेंगे बेहतरीन सेहत और सौन्दर्य लाभ

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख