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दुनिया भर में बदनाम हैं ट्रंप पर भारत में नहीं: पिउ रिसर्च

Updated: बुधवार, 28 जून 2017 (11:55 IST)
अमेरिका को दुनिया कैसे देखती है, इस पर डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने का बड़ा असर हुआ है। एक ताज़ा अध्ययन में यह बात सामने आई है। अमेरिका के पिउ रिसर्च सेंटर ने 37 देशों के 40 हज़ार लोगों से बात करके यह सर्वे किया है। ज़्यादातर लोगों ने माना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी नीतियां मोटे तौर पर पूरी दुनिया में बदनाम हैं।
 
दिलचस्प बात ये है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के मुक़ाबले 37 में से सिर्फ दो देशों की ट्रंप के बारे में बेहतर राय है। ये दो देश हैं- इज़रायल और रूस। भारत भी उन देशों में शामिल है, जहां ट्रंप को उम्मीदों से देखा जा रहा है।
 
हालांकि सर्वे में यह भी सामने आया है कि कई लोगों को लगता है कि आने वाले सालों में अमेरिका से उनका रिश्ता नहीं बदलेगा। 16 फरवरी से 8 मई के बीच किए गए इस सर्वे में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए हैं। लोगों से पूछा गया था कि क्या आपको अमेरिकी राष्ट्रपति में विश्वास है? इसके जवाब कुछ इस तरह मिले।
 
पुराने सहयोगी भी खफा
ट्रंप ने कार्यकाल संभालने के बाद वैश्विक मुद्दों पर अपनी छाप छोड़ने में देर नहीं की। उन्होंने नाटो देशों से अपने हिस्से का ख़र्च देने की बात साफ-साफ कही और खाड़ी देशों को क़तर को अलग-थलग कर देने के लिए प्रेरित किया। उनकी नीतियों से अमेरिका के पुराने साथियों को भी झटका लगा। जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल को ट्रंप से मुलाक़ात के बाद कहा कि उन्हें लगता है कि यूरोप अब अपने पुराने सहयोगी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकता है।
बल्कि सर्वे के मुताबिक, ट्रंप के बाद पारंपरिक सहयोगियों का भरोसा भी अमेरिका में कम हुआ है। जर्मनी के 86 फ़ीसदी लोगों को ओबामा पर विश्वास था, लेकिन ट्रंप पर सिर्फ 11 फ़ीसदी लोगों को भरोसा है। हालांकि ट्रंप को इसराइल से दोस्ती बढ़ाने की कोशिशों का सिला मिला है। वहां ओबामा के मुक़ाबले वह ज़्यादा लोकप्रिय हैं। 
 
भारत भी उन देशों में शामिल है, जहां ट्रंप को उम्मीदों से देखा जा रहा है। सर्वे में हिस्सा लेने वाले भारत के 40 फ़ीसदी लोगों ने ट्रंप में भरोसा जताया है, हालांकि ओबामा पर भरोसा करने वालों की तादाद 58 फ़ीसदी है।
 
ट्रंप को आप कैसा मानते हैं, इसके लिए सर्वे में सात श्रेणियां दी गई थीं। मजबूत नेता, करिश्माई नेता, योग्य, ध्यान रखने वाला, घमंडी, असहिष्णु और ख़तरनाक। इसमें से ज़्यादातर लोगों ने उन्हें घमंडी माना। 37 में से 26 देशों में, सर्वे में हिस्सा लेने वाले आधे से ज़्यादा लोगों ने ट्रंप को ख़तरनाक माना है।
 
दक्षिण अमेरिाक और अफ़्रीकी देशों में बहुत सारे लोगों ने उन्हें 'मजबूत नेता' भी माना। लेकिन बहुत कम देश हैं, जो उन्हें राष्ट्रपति पद के योग्य मानते हैं। इस सर्वे के नतीजे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रैवल बैन पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटाने के कुछ घंटों बाद जारी किए गए। सर्वे में हिस्सा लेने वाले सभी 37 देशों के 62 फीसदी लोगों ने इस फ़ैसले को अलोकप्रिय माना है। इसराइल, हंगरी और रूस में ज़्यादातर लोगों ने इस ट्रैवल बैन का समर्थन किया है।
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