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E20 पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर फिर छिड़ी बहस, मनीष कश्यप का वीडियो क्यों हो रहा है वायरल
सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपा नेता मनीष कश्यप से जुड़ा एक वीडियो और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने भारत में लागू किए जा रहे E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। इस वायरल बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि देश के पेट्रोल पंपों पर मिलावट की संभावना बढ़ सकती है, और उपभोक्ताओं को 'शुद्ध पेट्रोल' और 'एथेनॉल पेट्रोल' अलग-अलग विकल्प के रूप में देने की मांग उठाई गई है।
फिलहाल सरकार की ओर से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को आयात निर्भरता कम करने और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जाता रहा है। वायरल दावे के अनुसार उन्होंने लगभग 40 लाख रुपए की एक टोयोटा कार खरीदी। इस पर 18 लाख रुपए तक टैक्स चुकाने का दावा किया गया। इसके बाद 20,000 किलोमीटर चलने पर वाहन में खराबी आने की बात कही गई और इसे ईंधन में अधिक एथेनॉल मिश्रण से जोड़ दिया गया।
BJP के पूर्व नेता Manish Kashyap ने Ethanol पर सरकार को औकात दिखा दी।
— Ranjan Singh (@RanjanSinghh_) July 3, 2026
40 लाख रुपये में Toyota की कार खरीदी।
18 लाख रुपये सरकार को Tax दिया।
20,000 किलोमीटर चलने के बाद गाड़ी बंद होने लगी।
क्योंकि गाड़ी में Ethanol की मात्रा ज्यादा पड़ गई, Fuel Tank जाम हो गया।
India में सभी… pic.twitter.com/5hhseyyX2s
इस वीडियो पर लोगों ने कई कमेंट्स भी किए हैं। हालांकि, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और सरकारी नीतियों के अनुसार यह दावा एकतरफा और तकनीकी रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता, क्योंकि आधुनिक E20-फ्यूल कम्पैटिबल वाहनों को इसी ईंधन के अनुसार डिजाइन किया जाता है।
कौन हैं मनीष कश्यप
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के छोटे से गांव से निकलकर यूट्यूब सेंसेशन बने त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ मनीष कश्यप का सफर विवादों से भरा रहा है। एक समय अपने तीखे तेवर और सवालों से सोशल मीडिया पर छा जाने वाले मनीष कश्यप को लोग यूट्यूब का पत्रकार कहकर जानते हैं। हालांकि, उनके तरीके पर हमेशा से सवाल उठते रहें। साल 2020 में बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से त्रिपुरारी उर्फ मनीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था।
तमिलनाडु में बिहारी प्रवासियों पर हमले का दावा करने वाले कथित 'फर्जी वीडियो' के लिए मनीष कश्यप को गिरफ्तार किया गया था। मजदूरों का फर्जी वीडियो वायरल मामले में एनएसए लगा था। भाजपा को छोड़ मनीष कश्यप प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी में शामिल हो गए थे। चनपटिया विधानसभा से जनसुराज ने मनीष कश्यप को मैदान में उतारा था। यहां स वे चुनाव हार गए।
तमिलनाडु में बिहारी प्रवासियों पर हमले का दावा करने वाले कथित 'फर्जी वीडियो' के लिए मनीष कश्यप को गिरफ्तार किया गया था। मजदूरों का फर्जी वीडियो वायरल मामले में एनएसए लगा था। भाजपा को छोड़ मनीष कश्यप प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी में शामिल हो गए थे। चनपटिया विधानसभा से जनसुराज ने मनीष कश्यप को मैदान में उतारा था। यहां स वे चुनाव हार गए।
