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इन 7 लोगों पर शनिदेव डालते हैं अपनी वक्र दृष्टि, जानिए

शनिवार,जनवरी 23, 2021
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जिनकी कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति में नहीं होता उन्हें वि‍परीत फल देता है या फिर फल में कमी के चलते जातक शुक्र संबंधी सुख के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस समय सौंदर्य भी कम होता जाता है।
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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आप ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ फल को कुछ खाकर शुभ फल में बदल सकते हैं। क्या सचमुच ऐसा हो सकता है? हां लेकिन इसके लिए आपको पहले यह देखना होगा कि कौनसा ग्रह आपके लिए शुभ और कौनसा ग्रह अशुभ फल दे रहा है और यह भी कि कितनी मात्रा ...
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भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में नौ ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चन्द्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। ज्योतिष के अनुसार ग्रह की परिभाषा अलग है। यहां पढ़ें नवग्रहों के पौराणिक स्वरूप के बारे में रोचक जानकारी...
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जिन जातकों को शनि की साढ़ेसाती व ढैया चल रहा है, वे मानसिक शांति, सुरक्षा तथा भाग्योन्नति करना चाहते हैं तो उन्हें शनि मंत्र, शनि स्त्रोत, शनि वज्रपिंजर कवच तथा महाकाल शनि मृत्युंजय स्त्रोत
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शंख का इसे कुबेर का प्रतीक भी माना जाता है। आइए जानते हैं हर दिन के अनुसार ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शंख के माध्यम से कैसे करें शांत...
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सूर्य से अधिक तेजस्वी प्रथम वंदनदेव हैं। इनकी रश्मि चंद्रमा के सदृश्य शीतल होने से एवं इनकी शांतिपूर्ण प्रकृति का गुण शशि द्वारा ग्रहण करके अपनी स्थापना करने से वक्रतुंड में चंद्रमा भी समाहित हैं।
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भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। सात घो़ड़े खींचते हैं सूर्य रथ को। यह सभी ग्रहों का मुखिया है।
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हम वेबदुनिया के पाठकों को अरिष्ट ग्रहों की शांति हेतु औषधि स्नान के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
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सम्मानजनक पद के रिश्तों वाली स्त्रियों को कष्ट देना, जैसे माता, नानी, दादी, सास और ननद आदि को कष्ट देने से चंद्र अशुभ फल देता है।
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शनि ग्रह संबंधी चिंताओं का निवारण करने के लिए शनि मंत्र, शनि स्तोत्र विशेष रूप से शुभ रहते हैं। शनि मंत्र शनि पीड़ा परिहार का कार्य करता है
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ग्रहों की दुनिया निराली होती है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि ग्रहों का असर हमारे जीवन, सेहत और मन पर होता है। आइए डालते हैं एक नजर...
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मान्यता अनुसार हस्तरेखा के प्रेडिक्शन के दौरान महिलाओं का उल्टा हाथ देखा जाता है उसी तरह कुंडली देखने का तरीका भी भिन्न होता है क्योंकि महिलाओं की कुंडली में अनेक भिन्नता होती है।
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हर माह राशियां परिवर्तित होती है और शनि, राहु, केतु एवं बृहस्पति को छोड़कर लगगभ सभी ग्रह प्रत्येक माह में एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाते हैं। इससे किसी को फर्क पड़ता है तो किसी को नहीं। आओ जानते हैं कि लाल किताब में क्या होगा इसका परमानेंटली ...
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श्री गणेश जी की उपासना नवग्रहों की शांतिकारक व व्यक्ति के सांसारिक, आध्यात्मिक दोनों तरह के लाभ की प्रदायक है। अथर्वशीर्ष में इन्हें सूर्य व चंद्रमा के रूप में संबोधित किया है।
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शुक्र ग्रह आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम और वैभव के कारक हैं। शुक्र जिसके केंद्र में त्रिकोणगत हों वह अत्यंत आकर्षक होता है।
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भारत में हजारों तरह के मसालों का उत्पादन होता है। मसालों को हम सब्जी बनाने या अन्य कोई खाद्य पदार्थ बनाने में उपयोग में लेते हैं। यह मसालें जहां हमारे स्वास्थ्य के उपयोगी हैं वहीं ये हमें ग्रह नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाते हैं। तो आओ जानते ...
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जून माह में कौनसा ग्रह किस राशि में कब गोचर करेगा और क्या होगी उसकी चाल? आओ जानते हैं जून 2020 की ग्रहों के घर बदलने की स्थिति।
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शनि ग्रह के संबंध में ज्योतिष और खगोल विज्ञान दोनों की अलग अलग धारणाएं हैं। आओ जानते हैं कि खगोल विज्ञान क्या कहता है इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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हम आपको बताते हैं कि शनि से डरना नहीं बल्कि उन्हें समझने से ही हम उनकी मार से बच कसते हैं। देवता और भगवान सभी को शनि की वक्र दृष्टि को सहना पड़ा है तो मनुष्य की बिसात क्या। अत: शनि से बचने का एक मात्र तरीका आप जान लीजिए।
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