12 जून से मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम, 5 माह तक नहीं होंगे शुभ कार्य
Jyotish 2025: 13 अप्रैल को खरमास (मलमास) के समाप्त होते विवाह आदि समस्त शुभ कार्यों का प्रारंभ हो गया, किन्तु यह केवल 11 जून 2025 तक ही जारी रहेगा क्योंकि 12 जून 2025 आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को गुरु का तारा अस्त होगा जो दिनांक 05 जुलाई 2025, आषाढ़ शुक्ल दशमी, दिन शनिवार को उदित होगा।
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06 जुलाई को होगा देवशयन:
हमारे सनातन धर्म में देवशयन को अति-महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसे चातुर्मास भी कहा जाता है। देवशयन की अवधि में विवाह विशेष रूप से वर्जित रहता है। गुरु तारे के उदित होते ही आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवशयनी एकादशी), दिनांक 06 जुलाई 2025, दिन रविवार को देवशयन हो जाएगा। अत: उपर्युक्त 12 जून 2025 को गुरु के अस्त होते ही लगभग पांच माह के लिए शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा, जो देवउठनी एकादशी तक जारी रहेगा।
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।....
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