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Astrology : नहाने के पानी में इस औषधि को डालकर कर सकते हैं नवग्रहों की शांति, पढ़ें रोचक जानकारी

रविवार,अक्टूबर 11, 2020
herbal bath
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सम्मानजनक पद के रिश्तों वाली स्त्रियों को कष्ट देना, जैसे माता, नानी, दादी, सास और ननद आदि को कष्ट देने से चंद्र अशुभ फल देता है।
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भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। सात घो़ड़े खींचते हैं सूर्य रथ को। यह सभी ग्रहों का मुखिया है।
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शनि ग्रह संबंधी चिंताओं का निवारण करने के लिए शनि मंत्र, शनि स्तोत्र विशेष रूप से शुभ रहते हैं। शनि मंत्र शनि पीड़ा परिहार का कार्य करता है
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ग्रहों की दुनिया निराली होती है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि ग्रहों का असर हमारे जीवन, सेहत और मन पर होता है। आइए डालते हैं एक नजर...
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मान्यता अनुसार हस्तरेखा के प्रेडिक्शन के दौरान महिलाओं का उल्टा हाथ देखा जाता है उसी तरह कुंडली देखने का तरीका भी भिन्न होता है क्योंकि महिलाओं की कुंडली में अनेक भिन्नता होती है।
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हर माह राशियां परिवर्तित होती है और शनि, राहु, केतु एवं बृहस्पति को छोड़कर लगगभ सभी ग्रह प्रत्येक माह में एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाते हैं। इससे किसी को फर्क पड़ता है तो किसी को नहीं। आओ जानते हैं कि लाल किताब में क्या होगा इसका परमानेंटली ...
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श्री गणेश जी की उपासना नवग्रहों की शांतिकारक व व्यक्ति के सांसारिक, आध्यात्मिक दोनों तरह के लाभ की प्रदायक है। अथर्वशीर्ष में इन्हें सूर्य व चंद्रमा के रूप में संबोधित किया है।
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शुक्र ग्रह आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम और वैभव के कारक हैं। शुक्र जिसके केंद्र में त्रिकोणगत हों वह अत्यंत आकर्षक होता है।
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भारत में हजारों तरह के मसालों का उत्पादन होता है। मसालों को हम सब्जी बनाने या अन्य कोई खाद्य पदार्थ बनाने में उपयोग में लेते हैं। यह मसालें जहां हमारे स्वास्थ्य के उपयोगी हैं वहीं ये हमें ग्रह नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाते हैं। तो आओ जानते ...
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जून माह में कौनसा ग्रह किस राशि में कब गोचर करेगा और क्या होगी उसकी चाल? आओ जानते हैं जून 2020 की ग्रहों के घर बदलने की स्थिति।
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शनि ग्रह के संबंध में ज्योतिष और खगोल विज्ञान दोनों की अलग अलग धारणाएं हैं। आओ जानते हैं कि खगोल विज्ञान क्या कहता है इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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हम आपको बताते हैं कि शनि से डरना नहीं बल्कि उन्हें समझने से ही हम उनकी मार से बच कसते हैं। देवता और भगवान सभी को शनि की वक्र दृष्टि को सहना पड़ा है तो मनुष्य की बिसात क्या। अत: शनि से बचने का एक मात्र तरीका आप जान लीजिए।
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मई माह में तीन ग्रह वक्री होंगे- शनि, बृहस्पति और शुक्र ग्रह। 11 मई 2020 को शनि और 14 मई 2020 को बृहस्पति ग्रह वक्री होने जा रहा हैं। इसके साथ ही शुक्र ग्रह भी वृषभ राशि में वक्री हो रहा है। शनि 29 सितंबर तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे, जबकि गुरु 13 ...
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पीड़ित जातक को चाहिए कि वह पीड़ित ग्रह के दंड को पहचान कर उक्त ग्रह की अनुकूलता हेतु उक्त ग्रह का रत्न धारण करें और संबंधित ग्रह के मंत्र को जपें तो जातक सुखी बन सकता है। साथ में जातक संबंधित ग्रह के क्षेत्र का दान और उस ग्रह के रत्न की माला से जप ...
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राहु एक रहस्यमयी ग्रह है। आइए जानते हैं इसके विषय में 20 खास बातें
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सूर्य सभी ग्रहों का मुखिया है। सौर देवता, आदित्यों में से एक, कश्यप और उनकी पत्नियों में से एक अदिति के पुत्र। उनके बाल और हाथ सोने के हैं। उनके रथ को सात घो़ड़े खींचते हैं
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बिगड़ा हुआ शुक्र जातक का जीवन ही व्यर्थ सिद्ध करता है, क्योंकि मनुष्य का जन्म ही कर्मों के फल भोगने हेतु होता है। यदि उसे जीवनपर्यंत अशुभ फल ही भोगने पड़ते हैं
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बृहस्पति यानी गुरु ने 5 नवंबर 2019 को स्वराशि धनु में गोचर किया है और 29 मार्च 2020 तक इसी राशि में रहेंगे। गुरु के राशि परिवर्तन का असर सभी राशियों पर असर होगा।
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सूर्य ग्रह एक विशालकाय तारा है, जिसके चारों ओर आठों ग्रह और अनेकों उल्काएं चक्कर लगाते रहते हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह जलता हुआ विशाल पिंड है। इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति के बल पर ही समस्त ग्रह इसकी तरफ खींचे रहते हैं अन्यथा सभी अंधकार में न जाने ...
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