सम्बंधित जानकारी
- Diwali Decoration Ideas with Paper: 5 मिनट में बनाएं सुंदर वॉल हैंगिंग
- Diwali Mandir Decoration Ideas: इस दिवाली घर के मंदिर को दें ये नए लुक
- मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर, योगी सरकार का महिलाओं को दीपावली गिफ्ट
- दिवाली पर होगा इन 3 राशियों का भाग्योदय, बाकी राशियों का जानें राशिफल
- दीपावली पर्व पर हंसी की फुलझड़ियां: एक माचिस की तीली से 1 ही दीया जलाएं
5 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र योग कब से कब तक, जानें क्या है खासियत
Diwali ravi Pushya yog 2023 : दिवाली के पहले आने वाला कार्तिक पुष्य नक्षत्र बहुत ही शुभ माना जाता है। इस बार 2 दिन पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा। 4 नवंबर शनिवार को और 5 नवंबर रविवार को इस शुभ योग में खरीदारी की जा सकेगी। शनिवार को शनि पुष्य और रविवार को रवि पुष्य योग रहेगा। रविवार के दिन कब से कब तक रहेगा रवि पुष्य योग, जानिए।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार दिवाली के पहले 400 बाद ऐसा महासंयोग बन रहा है जबकि 2 दिन पुष्य नक्षत्र के योग में अष्ट महायोग बन रहा है। 4 नवंबर को हर्ष, सरल, शंख, लक्ष्मी, शश, साध्य, मित्र और गजकेसरी योग यानी अष्ट महायोग बन रहे हैं तो 5 नवंबर को सर्वार्थ सिद्धि, शुभ, शुक्ल, वाशि, सरल, श्रीवत्स, अमला और गजकेसरी योग बन रहे हैं।
पुष्य नक्षत्र प्रारंभ और समापन समय:
पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ : 4 नवंबर 2023 सुबह 07:57 से...
पुष्य नक्षत्र का समापन : 5 नवंबर 2023 सुबह 10:29 तक।
5 नवंबर को रवि पुष्य योग : इस दिन रवि पुष्य योग प्रात: 06:36 से सुबह 10:29 तक रहेगा।
रवि पुष्य योग का महत्व- Importance of Ravi Pushya Yoga:-
- पुष्य नक्षत्र में गुरु पुष्य, शनि पुष्य और रवि पुष्य नक्षत्र सबसे उत्तम बताए गए हैं।
- विवाह को छोड़कर रवि पुष्य योग को समस्त शुभ और मांगलिक कार्यों के शुभारंभ के लिए उत्तम माना गया है।
- इस दिन आभूषण, प्रॉपर्टी और वाहन आदि की खरीदारी करना शुभ होता है।
- इस दिन नए कार्य या व्यापार का प्रारंभ भी कर सकते हैं।
- पुष्य को ऋग्वेद में वृद्धिकर्ता, मंगलकर्ता, एवं आनंदकर्ता कहा गया है।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 तक।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 से दोपहर 02:38 तक।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रात: 06:36 से सुबह 10:29 तक।
- शुभ योग: प्रात:काल से लेकर दोपहर 01:37 बजे तक।
- शुक्ल योग: दोपहर 01:37 बजे से अगले दिन दोपहर तक।
- इसके अलावा इस दिन वाशि, सरल, श्रीवत्स, अमला और गजकेसरी योग बन रहे हैं।
