ganesh chaturthi

जानिए क्यों पहनें पुखराज रत्न...

Updated: बुधवार, 5 अगस्त 2015 (17:33 IST)
पुखराज को संस्कृत में पुष्पराग, हिन्दी में पुखराज कहा जाता है। यह बृहस्पति ग्रह से संबंधित रत्न है। चौबीस घंटे तक दूध में रखने पर यदि क्षीणता एवं फीकापन न आए तो असली होता है।

जीवन में भाग्यवृद्धि, सुख-सौभाग्य, विकास-उन्नति, समृद्धि, पुत्र कामना, विवाह एवं आध्यात्मिक समृद्धि हेतु पुखराज धारण करना चाहिए। 
 
गुरु ग्रह जीवनदाता है। यह वसा एवं ग्रंथियों से संबंध रखता है। अतः यह गला रोग, सीने का दर्द, श्वास रोग, वायु विकार, टीबी, हृदय रोग में धारण करने से लाभप्रद होता है।
 
पुखराज पांच रंगों में पाया जाता है- हल्दी रंग में, केशर/केशरिया, नींबू के छिलके के रंग का, स्वर्ण के रंग का तथा सफेद-पीली झांई वाला।

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

12 September Birthday: आपको 12 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

बुध का हस्त नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन के साथ करियर में भी मिलेगा बड़ा लाभ

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 सितंबर, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 12 सितंबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

भविष्यवाणियों में पहले ही था 2026 का ये संकट? 5 बड़ी प्राकृतिक घटनाएं हो चुकीं, अब आगे क्या होगा