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चातुर्मास कब से लग रहा है, जानिए 6 खास बातें

बुधवार,जून 23, 2021
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते ...
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह अंतिम माह होता है इसके बाद चैत्र माह वैशाख, ज्येष्ठ और फिर आषाढ़। इस बार आषाढ़ का प्रारंभ अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 25 जून 2021 शुक्रवार को प्रारंभ होगा और 24 जुलाई शनिवार 2021 गुरु पूर्णिाम तक रहेगा। आओ जानते ...
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शुक्र ग्रह 22 जून 2021 को दोपहर 2:07 बजे से 17 जुलाई 2021 को सुबह 09:13 बजे तक कर्क राशि में गोचर करेगा, इसके बाद यह सिंह राशि में गोचर कर जाएगा। आओ जानते हैं कि यह किन बातों पर असर डालेगा।
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आषाढ़ी/ हलहारिणी अमावस्या इस वर्ष शुक्रवार, 9 जुलाई 2021 को मनाई जा रही है। आषाढ़ अमावस्या पर दान और पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है।
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जिस जातक की जन्म कुंडली, लग्न/चंद्र कुंडली आदि में मंगल ग्रह, लग्न से लग्न में (प्रथम), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भावों में से कहीं भी स्थित हो, तो उसे मांगलिक कहते हैं। मांगलिक कुंडली वालों को विवाह के पूर्व भात पूजा करने की सलाह दी जाती है। ...
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इस वर्ष 11 जुलाई 2021, रविवार से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है। आषाढ़ नवरात्रि जून-जुलाई के महीने में आती हैं। आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी जाती है।
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ज्येष्ठ मास का चौथा बड़ा मंगल 22 जून 2021, दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। यह अंतिम बड़ा मंगल है। आज के दिन जिन्हें भगवान शिव जी का रुद्र अवतार और कलयुग के साक्षात् देवता माना जाता है
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मोर बेहद खूबसूरत पंछी है। ज्योतिष, वास्तु, धर्म, पुराण और संस्कृति में मोर का अत्यधिक महत्व माना गया है। मोर पंख घर में रखने से अमंगल टल जाता है। आइए जानें 25 अनूठी बातें मोर पंख के बारे में...
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इस बार ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का व्रत 22 जून 2021, दिन मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। मंगल ग्रह का ही एक अन्य नाम भौम है। यह व्रत हर तरह के कर्ज से छुटकारा दिलाता है।
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हिन्दू धर्म में आषाढ़ मास में पड़ने वाली हलहारिणी अमावस्या का बहुत माना जाता है। इस वर्ष शुक्रवार, 9 जुलाई 2021 को हलहारिणी अमावस्या मनाई जाएगी।
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आज हमारे समाज में कई ऐसी धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं जैसे रात्रि में झाड़ू ना लगाना,कांच टूटना,स्वर्ण का खोना,सूतक,गर्भवती स्त्री का नदी पार ना करना,देहरी पर बैठना, पैर पर पैर रखकर नहीं सोना आदि।
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'वेबदुनिया' आपके लिए प्रस्तुत कर रही है खास सप्ताह के 7 दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप इन 7 दिनों में वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो इस शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न ...
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अगर कोई व्यक्ति पूरे साल की एकादशी पर व्रत नहीं करता है तो उसे निर्जला एकादशी पर विशेष उपाय और व्रत कर लेना चाहिए। आइए जानते हैं इस दिन क्या उपाय करने से कामना पूरी होती है...
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21 जून 2021 को निर्जला एकादशी है। एकादशी के दिन विष्णुजी की विशेष पूजा की जाए तो अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ विशेष चीजें दान करने से दुर्भाग्य दूर हो जाता है। आइए जानते है क्या हैं वे चीजें:
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आज जैसे-जैसे विज्ञान प्रगति के सोपान चढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे ज्योतिष व विज्ञान का फासला कम होता जा रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले कुछ दशकों में ज्योतिष विज्ञान के
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जो लोग हस्ताक्षर करते समय पहला अक्षर थोड़ा बड़ा और उसके बाद पूरा उपनाम लिखते हैं वे अद्‍भुत प्रतिभा के धनी होते हैं। जानिए क्या आप भी हैं इसमें शामिल-
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गंधर्व-वेद जो उपवेद भी कहलाता है, संगीत पर आधारित है। इसमें भी रोगियों के उपचार के लिए संगीत का उपयोग किए जाने का उल्लेख है। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार यदि किसी जातक को किसी ग्रह विशेष से संबंधित रोग हो और उसे उस ग्रह से संबंधित
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इस वर्ष 21 जून 2021 को ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के दिन 'निर्जला एकादशी' व्रत रखा जाएगा।
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ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी या भीमसेनी एकादशी कहते हैं। इस वर्ष इस एकादशी का व्रत 21 जून 2021, सोमवार को मनाया जा रहा
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