0

नवरात्रि का 7वां दिन, कैसे करें मां सरस्वती का आह्वान? पढ़ें ये विशेष मंत्र, करें यह उपाय

गुरुवार,अक्टूबर 22, 2020
0
1
दशहरा पर्व विजय का प्रतीक है। इन दिनों मौसम खुश हो जाता है। पौधों पर बहार आ जाती है। गेंदे के फूल चारों तरफ मुस्कुराने लगते हैं। सवाल यह कि इस पर्व पर गेंदे के फूल क्यों सजाते हैं? वास्तव में ऐसा इसलिए है कि गेंदे इस मौसम में सहजता से उपलब्ध होते ...
1
2
वर्ष 2020 में मतान्तर होने के कारण पंचांगों में विजयादशमी तिथि 25 अक्टूबर व 26 अक्टूबर दो दिन बताई जा रही है। अब श्रद्धालुगणों के लिए यह दुविधा है कि वे किस दिन "विजयादशमी" का पर्व मनाएं।
2
3
ताजा शोध नतीजे बताते हैं कि हवन वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। हवन के धुएँ से प्राण में संजीवनी शक्ति का संचार होता है।
3
4
नवरात्रि के पावन पर्व पर हवन करने का विशेष महत्व है अत: अगर आप कोरोना की वजह से घर पर ही सरल रीति से हवन करना चाहते है तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। हम आपके लिए लेकर आए हैं आसान तरीके वाली हवन करने की विधि।
4
4
5
श्री राम रक्षा स्तोत्र अगर नियमित नहीं पढ़ सकते हैं तो सिर्फ दशहरे पर इसे पढ़ने से भी श्रीराम के आशीष मिलेंगे। यह पाठ अत्यंत चमत्कारी है।
5
6
हवन तो विधिवत रूप से पंडितजी ही करवाते हैं, लेकिन कोरोना काल में आप खुद ही कैसे घर में हवन करें जानिए इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
6
7
वास्तव में अग्नि देव की पत्‍नी हैं स्‍वाहा। इसलिए हवन में हर मंत्र के बाद होता है इनका उच्‍चारण। जानिए विस्तार से...
7
8
भगवान कृष्ण जैसा पति पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी। इसीलिए वह ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं।
8
8
9
मां शक्ति के नवदुर्गा स्वरूपों में मां कात्यायनी देवी को छठा रूप माना गया है। मां कात्यायनी देवी के आशीर्वाद से विवाह के योग बनते हैं साथ ही वैवाहिक जीवन में भी खुशियां प्राप्त होती हैं। पढ़ें पूजा की सरल विधि....
9
10
मां दुर्गा की छठी विभूति हैं मां कात्यायनी। शास्त्रों के अनुसार कात्यायन ऋषि के तप से प्रसन्न होकर मां आदि शाक्ति ऋषि कात्यायन की पुत्री के रूप में अवतरित हुईं। ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण माता कात्यायनी कहलाती हैं।
10
11
मां दुर्गा की छठी विभूति हैं मां कात्यायनी। शास्त्रों के मुताबिक जो भक्त दुर्गा मां की छठी विभूति कात्यायनी की आराधना करते हैं मां की कृपा उन पर सदैव बनी रहती है। कात्यायनी माता का व्रत और उनकी पूजा करने से कुंवारी कन्याओं के विवाह में आने वाली बाधा ...
11
12
वैसे तो नवरात्रि के 9 दिनों तक सभी लोग जमकर खरीदारी में लगे रहते हैं, परंतु क्या आप जानते हैं कि इस नवरात्रि के पवित्र त्योहार पर आप ऐसी कौन-कौन-सी चीजें खरीदें जिससे
12
13
विजयादशमी के दिन देश के कुछ हिस्सों में अश्व-पूजन भी किया जाता है। सनातन धर्मानुसार विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष का पूजन अवश्य किया जाना चाहिए।
13
14
दशहरा या विजयादशमी सर्वसिद्धिदायक तिथि मानी जाती है। इसलिए इस दिन सभी शुभ कार्य फलकारी माने जाते हैं।
14
15
नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के साथ ही पुस्तक पर स्थापित बुद्धि और वाणी की देवी मां सरस्वती आह्वान किया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, मां सरस्वती आवाहन अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में नवरात्रि के दौरान किया जाता है।
15
16
स्कंदमाता (स्कन्द माता) की उपासना से भक्त की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस मृत्युलोक मे ही उसे परम शांति व सुख का अनुभव होने लगता है, मोक्ष मिलता है। सूर्य मंडल की देवी होने के कारण इनका उपासक आलोकिक तेज एवं कांति से संपन्न हो जाता है।
16
17
नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरुप मां स्कंदमाता की उपासना की जाती है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम दिया गया है। भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं।
17
18
नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की उपासना की जाती है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम दिया गया है। भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं।
18
19
नवरात्रि पर आप माता रानी को बहुत सरल और सस्ते उपायों से खुश कर सकते हैं। जानिए वे सस्ते उपाय क्या हैं? पढ़ें सरल उपाय...
19