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अधिक मास की पूर्णिमा पर करें श्रीविष्णु-लक्ष्मी का पूजन, पढ़ें ये चमत्कारिक 7 मंत्र

बुधवार,सितम्बर 30, 2020
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आपका जन्म किसी भी साल के अक्टूबर महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आपका व्यक्तित्व राजसी होता है। हर चीज को नफासत से करना आपकी खूबी होती है।
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दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिन के माध्यम से उपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती है। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां ...
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सूर्य की उपासना की प्रमुख बात यह है कि व्यक्ति को सूर्योदय से पूर्व उठ जाना चाहिए। तत्पश्चात स्नान आदि से निवृत्त होकर शुद्ध, स्वच्‍छ वस्त्र धारण कर ही सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए।
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4 अक्टूबर 2020 को मंगल व्रकगति करते हुए गोचरवश अपनी राशि परिवर्तन कर पुन: मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सामान्यत: मंगल 57 दिनों में अपनी राशि बदलते हैं।
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शनि वक्री हो या मार्गी इन उपायों को कर कुप्रभाव से बचा जा सकता है। 29 सितंबर 2020 को हुए मार्गी शनि के दौरान इन्हें आजमाएं....
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विभिन्न राशि के जातकों पर शनि का प्रभाव देखने को मिल सकता है। 29 सितंबर 2020 से शनि की चाल सीधी हो गई है।
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शनि 29 सितंबर, मंगलवार को सुबह 10 बजकर 40 मिनट वक्री से मार्गी हो गए हैं। व्रकी का अर्थ उल्टा और मार्गी का अर्थ सीधी चाल चलना। जातकों के जीवन में चल रही बाधाएं कम होंगी और उन्हें किस्मत का साथ मिलना आरंभ हो जाएगा।
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शारदीय नवरात्र की शुरुआत पितृपक्ष की समाप्ति के बाद हो जाती है। मगर इस बार 165 साल बाद अद्भुत योग बना है। पितृ पक्ष की समाप्ति के बाद शारदीय नवरात्र शुरू नहीं होंगे, बल्कि एक महीने के बाद नवरात्रों की शुरुआत होगी।
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हमें अपने दैनिक और व्यावहारिक जीवन में कई बार अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए धन रुपयों-पैसों का कर्ज लेना आवश्यक हो जाता है। तब आदमी कर्ज/ऋण तो ले लेता है,
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मंगल-भौम प्रदोष व्रत :हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इसमें मंगलवार और शनिवार को आने वाले प्रदोष तिथि का विशेष महत्व माना गया है।
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शुक्र, शनि, बुध आदि ग्रह जब भी वक्री या मार्गी होते हैं तो ज्योतिष उसका असर भिन्न-भिन्न राशियों पर अलग-अलग बताते हैं। ज्योतिषियों में वक्री ग्रह के असर को लेकर मतभेद भी हैं। आओ संक्षिप्त में जानते हैं कि क्या होता है ग्रहों का वक्री और मार्गी होना।
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उस समय भगवान ने यह कहा था कि इस महीने की गिनती अन्य 12 महीनों से अलग है इसलिए इस महीने में लौकिक कार्य भी मंगलप्रद नहीं होंगे। लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जिन्हें इस महीने में किए जाना बहुत ही शुभ फलदायी होगा और उन कार्यों का संबंध मुझसे होगा।
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कुंकुम, चंदन आदि की तरह ही अष्टगंध की बहुत उपयोगी होता है। यह पूजा, तिलक और अन्य कई कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है। आओ जानते हैं इसके 5 चमत्कारिक फायदे।
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यदि आप सप्ताह में कुछ खास कार्य करने जा रहे हैं तो निम्न उपायों के साथ अपने दिन की शुरूआत करें। इन उपायों के प्रभावों से आपके कार्य की सफलता के योग और मजबूत होंगे।
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शनिदेव 29 सितंबर 2020 को सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर वक्री से मार्गी हो रहे हैं। शनि के मार्गी होने से जिस राशि पर भी शनि के प्रभाव थे, वे काफी हद तक कम हो जाएंगे।
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सृष्टि का सबसे प्रेमिल जोड़ा है शिव पार्वती, सबसे पहला प्रेम विवाह भी उन्हीं का माना जाता है। महिलाएं अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए भगवान शिव की पूजा आराधना करती हैं।
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हिन्दू पंचांग अनुसार प्रत्येक माह में पांच ऐसे दिन आते हैं जिनका अलग ही महत्व होता है जिन्हें पंचक कहा जाता है। प्रत्येक माह का पंचक अलग अलग होता है तो किसी माह में शुभ कार्य नहीं किया जाता है तो किसी माह में किया जाता है। इस बार 28 सितंबर 2020 ...
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हिन्दू पंचांग अनुसार प्रत्येक माह में पांच ऐसे दिन आते हैं जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसी भी मान्यता या धारणा है कि इन दिनों में मरने वाले व्यक्ति परिवार के अन्य पांच लोगों को भी साथ ले जाते हैं। आओ जानते हैं पंचक के पांच रहस्य।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण और शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र के चारों चरणों में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है। इस तरह चन्द्र ग्रह का कुम्भ और मीन राशी में भ्रमण पंचकों को जन्म देता ...
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