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Pushya nakshatra 2025: पुष्‍य नक्षत्र क्या होता है, जानिए क्यों कहलाता है नक्षत्रों का राजा, खरीदी के लिए क्यों माना जाता है शुभ

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 (09:23 IST)
Why pushya nakshatra is auspicious: हिंदू धर्म में व्रत, पर्व और त्योहारों का विशेष महत्व होता है, और इन सभी के लिए मुहूर्त का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन्हीं विशेष मुहूर्तों में से एक है पुष्य नक्षत्र, जिसे सभी 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ और विशेष स्थान प्राप्त है। पुष्य का शाब्दिक अर्थ है 'पोषण करने वाला' या 'शक्ति प्रदान करने वाला'। पुराणों में इसे 'नक्षत्रों का राजा' की उपाधि दी गई है। ऋग्वेद में पुष्य नक्षत्र को 'मंगलकर्ता' कहा गया है। यह नक्षत्र समृद्धिदायक, शुभ फल प्रदान करने वाला और चिरस्थायी लाभ देने वाला माना जाता है।

पुष्य नक्षत्र की विशेषता: पुष्य नक्षत्र को इतना शक्तिशाली बनाने के पीछे इसके देवता और प्रतिनिधि ग्रहों का संयोजन है:
देवता: पुष्य नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता बृहस्पति देव माने गए हैं। बृहस्पति शुभता, बुद्धिमत्ता, ज्ञान, धर्म और धन-धान्य के प्रतीक हैं।
दिशा प्रतिनिधि: इस नक्षत्र का दिशा प्रतिनिधि ग्रह शनि को माना जाता है। शनि स्थायित्व, कर्मठता और लंबे समय तक चलने वाले प्रभाव का कारक है।
जब बृहस्पति की शुभता और शनि का स्थायित्व एक साथ मिलते हैं, तो यह योग पुष्य नक्षत्र को महामुहूर्त बना देता है। इसका मतलब है कि इस समय किया गया कोई भी शुभ कार्य या लिया गया निर्णय अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) और स्थायी शुभ फल देने वाला होता है।

खरीदी के लिए पुष्य नक्षत्र क्यों है विशेष: पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त माने जाने के पीछे भी स्थायित्व का यही सिद्धांत काम करता है। ऐसी मान्यता है कि:
1. अक्षय फल: इस मुहूर्त में खरीदी गई कोई भी वस्तु जैसे सोना, चांदी, वाहन या संपत्ति, अधिक समय तक उपयोगी बनी रहती है और घर में समृद्धि का वास लाती है।
2. चिर स्थायी लाभ: पुष्य नक्षत्र में निवेश किया गया धन या खरीदी गई वस्तु हमेशा शुभ फल प्रदान करती है। यह केवल भौतिक लाभ ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक सुख भी सुनिश्चित करता है।
3. बंधन मुक्त: ज्योतिष के अनुसार, पुष्य नक्षत्र सभी प्रकार के दोषों से मुक्त होता है। यही कारण है कि इसे किसी भी बड़े निवेश या नए काम की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदना चाहिए?
चूंकि पुष्य नक्षत्र शुभता और स्थायित्व का प्रतीक है, इसलिए इसमें कई तरह की चीजों की खरीदारी का महत्व है।
सोना: पुष्य नक्षत्र में सोने की खरीदी को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि इससे घर में धन की स्थिरता आती है।
वाहन और संपत्ति: कार, स्कूटर, बाइक जैसे वाहन और भूमि या भवन (घर) की खरीदी इस दिन विशेष रूप से शुभ मानी जाती है, क्योंकि यह खरीदी लंबे समय तक चलती है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान: टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कंप्यूटर, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स की खरीदी भी इस शुभ मुहूर्त में की जाती है।
धातु और बर्तन: सोना-चांदी के अलावा, नए बर्तन और अन्य कीमती धातुएं खरीदना भी शुभ माना जाता है।
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