15 जनवरी 2022 को है तिल से स्नान करने का महत्व, जानिए 3 फायदे

पुनः संशोधित शुक्रवार, 14 जनवरी 2022 (14:54 IST)
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2022: मकर संक्रांति के दिन तिल के 6 प्रयोग बताए गए हैं जिससे षटतिला कर्म कहते हैं। जो यह कर्म करता है उसका भविष्य उज्जवल होता है। षटतिला है (til ke tel ka prayog) - 1. तिल जल से स्नान करना, 2. तिल दान करना, 3. तिल से बना भोजन, 4. जल में तिल अर्पण, 5. तिल से आहुति और 6. लगाना। यदि आप गंगा या किसी पवित्र नहीं में स्नान नहीं कर सकेत हैं तो जरूर करें। 15 जनवरी 2022 को स्नान का खासा महत्व रहेगा।


1. तिल जल से स्नान करना : इस दिन जल में काले तिल डालकर उन्हें कुछ समय के लिए जल में ही रखें और उसके बाद उस जल से स्नान कर लें। आपके घर में गंगाजल होगा या किसी तीर्थ का जल होगा तो उसे अपने स्नान करने के जल में थोड़ा सा मिलाकर स्नान कर लें। यदि तीर्थ का जल उपलब्ध न हो तो दूध, दही से स्नान करें। जल में तिल जरूर मिलाएं। स्नान करते हुए यह मंत्र भी बोलें, गंगे, च यमुने, चैव गोदावरी, सरस्वति, नर्मदे, सिंधु, कावेरि, जलेSस्मिन् सन्निधिं कुरु।।
फायदा : इस तरह के स्नान से और बीमारी दूर होती है।

2. तिल का उबटन : इस दिन तिल को कूटकर उसका उबटन शरीर पर लगाएं और संपूर्ण शरीर पर तिल को मलें। इसके बाद स्नान कर लें।

फायदा : तिल उबटन लगाने से में निखार आता है और व्यक्ति खूबसूरती पाता है।
3. तिलोदक स्नान : इस दिन तिलोदक करते हैं याने पंचामृत में तिल मिलाकर भगवान विष्णु को स्नान कराते हैं।

फायदा : तिलोदक से दूर होता है।



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