ज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के अनुसार, सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी विशेष ग्रह और देवी-देवता को समर्पित होते हैं। यदि हम वार (दिन) के अनुसार छोटे-छोटे विशेष उपाय करें, तो उस दिन से जुड़े ग्रह बलवान होते हैं और हमारे काम आसानी से बनने लगते हैं। सातों दिनों के बेहद असरदार और सरल उपाय नीचे विस्तार से दिए गए हैं।
1. सोमवार (Monday):- चंद्र ग्रह और भगवान शिव का दिन
यह दिन मन के कारक चंद्रमा और देवों के देव महादेव का है। यदि आपका मन अशांत रहता है या मानसिक तनाव रहता है, तो यह उपाय करें:
क्या करें: सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर कच्चा दूध या गंगाजल अर्पित करें। ओम नमः शिवाय का जाप करें।
विशेष: इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है। घर से निकलते समय अपनी माता का आशीर्वाद लें या थोड़ा सा पानी पीकर निकलें।
2. मंगलवार (Tuesday):- मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन
यह दिन साहस, ऊर्जा के कारक मंगल ग्रह और संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है। कर्ज मुक्ति और कार्यों में सफलता के लिए यह दिन खास है:
क्या करें: हनुमान जी के मंदिर जाकर उन्हें चोला चढ़ाएं या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
विशेष: इस दिन लाल या नारंगी (ऑरेंज) रंग के कपड़े पहनें। घर से निकलते समय थोड़ा सा गुड़ खाकर और पानी पीकर निकलें।
3. बुधवार (Wednesday):- बुद्ध ग्रह और भगवान गणेश का दिन
यह दिन बुद्धि, व्यापार और वाणी के कारक बुध ग्रह और विघ्नहर्ता भगवान गणेश का है। शिक्षा और बिजनेस में तरक्की के लिए यह उपाय करें:
क्या करें: भगवान गणेश को दूर्वा (हरी घास) और मोदक अर्पित करें। 'ओम गं गणपतये नमः' का जाप करें।
विशेष: इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनना सर्वोत्तम होता है। गाय को हरी घास या पालक खिलाएं। घर से निकलते समय साबुत धनिया या सौंफ खाकर निकलें।
4. गुरुवार (Thursday):- गुरु ग्रह और भगवान विष्णु का दिन
यह दिन भाग्य, धन और ज्ञान के कारक देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु का है। सुख-समृद्धि और शीघ्र विवाह के लिए यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है:
क्या करें: भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करें। केले के पेड़ में हल्दी मिलाकर जल चढ़ाएं और देसी घी का दीपक जलाएं।
विशेष: इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनें और मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। गाय को चने की दाल और गुड़ खिलाएं। घर से निकलते समय जीरा या पीली सरसों के दाने खाकर निकलें।
5. शुक्रवार (Friday):- शुक्र ग्रह और मां लक्ष्मी का दिन
यह दिन सुख, वैभव, लव लाइफ और ऐश्वर्या के कारक शुक्र ग्रह और धन की देवी मां लक्ष्मी का है। आर्थिक उन्नति के लिए यह उपाय करें:
क्या करें: मां लक्ष्मी की कपूर से आरती करें और उन्हें सफेद रंग की मिठाई या खीर का भोग लगाएं। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
विशेष: इस दिन सफेद, गुलाबी या चमकीले कपड़े पहनें। छोटी कन्याओं को कुछ मीठा उपहार में दें। घर से निकलते समय थोड़ा सा दही खाकर निकलना शुभ होता है।
6. शनिवार (Saturday):- शनि ग्रह और शनिदेव/भैरव जी का दिन
यह दिन न्याय के देवता शनिदेव का है। जीवन से बाधाएं दूर करने और साढ़ेसाती या ढैय्या के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए यह दिन विशेष है:
क्या करें: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान जी की पूजा करने से भी शनिदेव शांत रहते हैं।
विशेष: इस दिन काले या गहरे नीले (नेवी ब्लू) रंग के कपड़े पहनें। किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को काले चने, तिल या सरसों के तेल का दान करें। घर से निकलते समय अदरक का टुकड़ा या राई खाकर निकलें।
7. रविवार (Sunday):- सूर्य ग्रह और नारायण का दिन
यह सप्ताह का पहला दिन है जो मान-सम्मान, आत्मा और सरकारी क्षेत्र के कारक सूर्य देव को समर्पित है। समाज में प्रतिष्ठा और अच्छी सेहत के लिए यह उपाय करें:
क्या करें: सुबह जल्दी उठकर तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा लाल चंदन और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य (जल) दें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
विशेष: इस दिन लाल, सुनहरे या केसरिया रंग के कपड़े पहनें। अपने पिता का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें। घर से निकलते समय थोड़ा सा सिंदूर का तिलक लगाएं या मीठा खाकर निकलें।
आर अनुसार अचूक उपाय:-
सोमवार: शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
मंगलवार: हनुमान जी को बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं।
बुधवार: भगवान गणेश को दूर्वा (हरी घास) और मोदक अर्पित करें।
गुरुवार: गाय को चने की दाल और गुड़ खिलाएं।
शुक्रवार: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा उपहार दें।
शनिवार: जरूरतमंदों को काले चने, तिल या सरसों के तेल का दान करें।
रविवार: प्रातःकाल सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
वार अनुसार पाठ:-
सोमवार: शिव महिम्न स्तोत्र
मंगलवार: सुंदरकांड का पाठ
बुधवार: गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ
गुरुवार: विष्णु सहस्रनाम का पाठ
शुक्रवार: कनकधारा स्तोत्र का पाठ
शनिवार: दशरथकृत शनि स्तोत्र
रविवार: मां गायत्री स्तोत्र (या गायत्री मंत्र का जाप)