Hanuman Chalisa
✕

शनिवार को ऐसे करेंगे पूजन, तो बनी रहेगी शनिदेव की कृपा...

Updated: शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017 (12:37 IST)
शनिवार व्रत की पूजा विधि... 
 
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार यह मान्यता है कि शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए मूल नक्षत्रयुक्त शनिवार से आरंभ करके 7 शनिवार शनिदेव की पूजा करनी चाहिए और व्रत रखने चाहिए। ऐसा करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है। 
 
* व्रत के लिए शनिवार को प्रात:काल उठकर स्नान करना चाहिए। 
 
* तत्पश्चात भगवान हनुमान व शनिदेव की आराधना करते हुए तिल व लौंगयुक्त जल पीपल के पेड़ पर चढ़ाना चाहिए। 
 
* इसके बाद शनिदेव की प्रतिमा के समीप बैठकर उनका ध्यान लगाते हुए मंत्रोच्चारण करना चाहिए। 
 
* पूजा करने के बाद काले वस्त्र, काली वस्तुएं किसी गरीब को दान करनी चाहिए। 
 
* अंतिम व्रत को शनिदेव की पूजा के साथ-साथ हवन भी करवाना चाहिए।
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Surya Gochar 2026: सूर्य का विशाखा नक्षत्र में प्रवेश, जानिए 12 राशियों पर कैसा होगा असर

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 नवंबर 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

भविष्‍य मालिका की भविष्यवाणी: बर्बादी की ओर बढ़ रहा है ये 4 देश? 5 बड़ी घटनाओं से मचेगी उथल-पुथल

Budh Nakshatra Gochar 2026: दिवाली से पहले बुध का बड़ा बदलाव, 5 राशियों को मिल सकता है धन लाभ

Budh Gochar 2026: राहु के स्वाति नक्षत्र में बुध का गोचर, 3 नवंबर से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें 12 राशियों का राशिफल

अगला लेख