sundarkand

सोम प्रदोष के 10 शुभ और सरल उपाय, शिव जी को प्रसन्न करने के लिए जरूर आजमाएं

Updated: सोमवार, 21 नवंबर 2022 (12:09 IST)
आज सोम प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2022) मनाया जा रहा है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन पड़ रहा यह व्रत बहुत खास है। इस दिन शिव जी के कुछ सरल उपाय करने मात्र से भोलेनाथ प्रसन्न होकर वरदान देते हैं। 
 
आइए जानें 10 सरल उपाय- 
 
1. प्रदोष या त्रयोदशी तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान भोलेनाथ का ध्यान करते हुए नहाने के पानी में काले तिल डाल कर मंत्र- 'ॐ नम: शिवाय' का जाप करते हुए स्नान करें। शिव जी तथा पितृ प्रसन्न होंगे। 
 
2. सोम प्रदोष के दिन शुभ योग में शिव मंत्रों का जाप करते हुए गाय के दूध से शिवाभिषेक करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
 
 
3. त्रयोदशी के दिन किसी भी तालाब या नदी किनारे जाकर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाने तथा असहाय लोगों को भोजन कराने अथवा अन्न, वस्त्र, काले तिल, छाता आदि दान करने से भी पि‍तृ प्रसन्न होंगे। 
 
4. प्रदोष तिथि पर शिव-पार्वती का संयुक्त रूप में पूजन करके मंत्र- 'ॐ गौरीशंकराय नमः' का जाप करें तथा किसी मंदिर में अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें। इस उपाय से जहां पितरों का आशीष मिलेगा, वहीं जीवन की सभी परेशानियां दूर होकर सुख-समृद्धि और घर में खुशियों का आगमन होगा।
 
 
5. इस दिन शिव जी को जौ अर्पित करें, संतान सुख की कामना अवश्य पूर्ण होगी।
 
6. सोम प्रदोष व्रत के दिन सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले दोनों समय शिव जी का पूजन विधिपूर्वक करें। इस तरह पूजन करने से जाने-अनजाने हुए पापों का प्रायश्चित हो जाता है। 
 
7. प्रदोष व्रत के दिन कच्चा दूध लेकर उसमें काले तिल डालकर मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव जी का अभिषेक करें तथा काले तिल का दान करें। इस उपाय से पितृ दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही पितरों की आत्मा को शांति भी मिलेगी तथा उनके आशीर्वाद से चारों दिशाओं में आपकी यश, कीर्ति बढ़ेगी तथा धनागमन के रास्ते खुलेंगे।
 
 
8. सोम प्रदोष के दिन भगवान शिव को अक्षत चढ़ाने से धन, सुख और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति होती है। बस इतना ध्यान रखें कि चावल के दाने खंडित न हो।
 
9. सोम प्रदोष के दिन भोलेनाथ को बेला (मोतिया), हरसिंगार के पुष्‍प चढ़ाने से सुंदर, सुशील जीवनसंगिनी मिलती है तथा घर में निरंतर सुख-संपत्ति बढ़ती है।
 
10. इस दिन अपने पितरों को याद करते हुए शिव जी का दुग्धाभिषेक करें तथा काला तिल, पुष्प, फल, मिठाई आदि चीजें चढ़ाएं और भोग लगा कर आरती करें। इस उपाय से भी पितृ प्रसन्न होकर आपकी हर कामना पूर्ण होने का आशीष देंगे।

Pradosh Vrat
 

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

03 September Birthday: आपको 03 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 सितंबर, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 सितंबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: जानिए 12 राशियों पर इसका प्रभाव

शुक्र का अपनी ही राशि में गोचर: जानिए 12 राशियों पर प्रभाव और मालव्य राजयोग का गणित

अगला लेख