dharma sangrah

नेम थेरेपी : क्या नाम बदलने से बदल जाते हैं सितारे? ( भाग 1)

Updated: शुक्रवार, 11 मई 2018 (14:20 IST)
अक्षर यानी जिसका कभी क्षरण न हो, क्षय न हो, जो कभी नष्ट न हो हर स्थिति परिस्थिति में व्याप्त हो, जो हर संयोग-वियोग, गति-प्रगति में अपने योग से शब्द रूपी शक्ति उत्पन्न करता है। उसे वेद ग्रंथों में अक्षर रूपी ब्रह्म की संज्ञा दी गई है।

ALSO READ: नेम थेरेपी : क्या है और कैसे करती है असर (भाग 2)
 
संसार में आज तक की ज्ञात जितनी भी शक्तियाँ हैं सभी शब्दाक्षरों के इर्द-गिर्द घूमती हैं चाहे वह ईश्वर की शक्ति हो, आर्थिक या शारीरिक शक्ति हो। मन की चेतना शक्ति हो, किसी राज्य या देश की शक्ति हो, आधुनिक युग में निर्मित विनाश लीला दिखाने वाली एटमी शक्ति हो या फिर जनसमूह की शक्ति हो सभी शब्दों से ही संचालित होती हैं यह मात्र शब्दों (नाम) की शक्ति ही है जो कि उसे कभी उठाती है तो कभी गिराती है। 
 
नेम थेरपी के अंतर्गत प्रत्येक शब्दाक्षरों की शक्ति का तालमेल बिठाया जाता है और वह जिस किसी व्यक्ति के प्रतिकूल होती उसे अनुकूल किया जाता है। उसे एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा शक्ति के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाता है जिससे ब्रह्मांड में तैरती हुई सकारात्मक ऊर्जा उसके प्रगति में सहायक होती है। 

ALSO READ: नेम थेरपी : सवाल जो आप पूछना चाहते हैं ( भाग 3)
 
जिससे विद्यार्थी, कलाकार, शिल्पकार, फिल्मकार, चिकित्सक, पत्रकार, आध्यात्मिक गुरू, अध्यापक, वैज्ञानिक, तकनीशियन, व्यापारी, उद्योगपति, शासक, प्रशासक, लेखक राजनीतिक, कारोबारी, नर्तक, नेता, अभिनेता, संगीतज्ञ आदि विविध क्षेत्रों से जुड़े लोग अपने नामाक्षर की शक्ति पहचान कर उसे सही दिशा में परिवर्तित कर लाभ उठा सकते हैं। 
 
 
नेम थेरेपी, व्यक्ति के नाम को सुधार कर उसके भाग्य में वृद्धि करती है। इसके अंतर्गत जातक के जन्म-समय आदि विविध पहलुओं का मूल्यांकन कर जरूरत हुई तो उसे बदला जाता है और उसमें नए अंक व नामाक्षर द्वारा नई ऊर्जा का संचार कर दिया जाता है।
 
नेम थेरपी के हैं कई फायदे 
 
1-वैवाहिक जीवन में तालमेल व दाम्पत्य सुख में वृद्धि।
 
2-नामाक्षर में शक्ति व सक्रियता का संचार।
 
3-व्यावसायिक सफलताएं व औद्योगिक क्षमताओं में वृद्धि।
 
4-आर्थिक प्रगति के लिए नामाक्षर को उचित दिशा देना।
 
5-निर्णय लेने व सही दिशा में कार्य करने की क्षमता को बढ़ाना।
 
6-भाई-बहन, माता-पिता से मिलजुल कर चलने की भावना को बढ़ाने हेतु सही व्यक्तित्व नंबर को क्रियान्वित करना। आदि नेम थेरेपी के फायदे हैं।
 
वाकई नाम में एक ऐसा जादू है जिसे सुनते ही व्यक्तित्व का अंदाज हो जाता है। नेम थेरेपी द्वारा अपने नाम व नामांक की शक्ति, उसका प्रभाव तथा उसके सकारात्मक शक्ति़ व क्षमताओं को बढ़ाया जा सकता है। 

ALSO READ: नेम थेरेपी : रामायण से समझें नाम का महत्व (भाग 4)

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 अगस्‍त 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

28 August Birthday: आपको 28 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 अगस्‍त, 2026)

सिंह राशि में बुधादित्य योग से 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, खुलेंगे सफलता के द्वार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 अगस्‍त 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख