नेम थेरेपी : क्या है और कैसे करती है असर (भाग 2)


इस ब्रह्माण्ड में अक्षर रूपी ब्रह्म व्याप्त है। जो अलग-अलग देशकाल में भाषाओं में उत्पन्न होकर प्रत्येक व्यक्ति को किसी वस्तु, व्यक्ति व स्थान को प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है। अक्षर के मेल से ही शब्द की उत्पत्ति होती है। व्यावहारिक जीवन की आवश्यकताओं को पूर्ण करने में इन शब्दों का बड़ा ही महत्व है। प्रत्येक शब्द में दो प्रकार की शक्ति छुपी हुई है-1. सकारात्मक, 2. नकारात्मक।
दोनों शक्ति व्यक्ति के रिश्ते, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन, संतान पक्ष को प्रभावित करती है। प्राचीन काल से ही किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, व्यवसाय, संस्था व निवास स्थान के नामकरण की प्रथा रही है। आज भी इनका अपना महत्व है। नेम थेरपी या नेमोलॉजी की विद्या के अंतर्गत किसी व्यक्ति के नाम द्वारा उसके विभिन्न क्षेत्रों जैसे- शिक्षा, संतान, विवाह, करियर, व्यवसाय आदि को जाना जा सकता है। वह कौन-से क्षेत्र में सफल होगा। किस नाम वाले व्यक्ति के साथ उसकी मित्रता रहेगी। यह भी इस विद्या से
आसानी से जाना जा सकता है।
कई लोगों को यह जिज्ञासा रहती है कि आखिर नेम थेरपी या नेमोलॉजी क्या है? यह किस प्रकार उपयोगी रहती है। यह जीवन के विविध क्षेत्रों में कैसे प्रभाव डालती है? कैसे किसी नाम के साथ जुड़कर स्वयं को भाग्यशाली व क्रियाशील बनाया जा सकता है? इस उत्तर को सही ढंग से प्राप्त करने व समझने के लिए पहले इस विद्या को समझना होगा। नेमोलॉजी को नाम-विज्ञान भी कह सकते हैं। अर्थात्‌ ऐसा ज्ञान जिसके द्वारा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान का विशुद्ध नाम रखा जा सके उसे लाभकारी, भाग्यशाली व क्रियाशील बनाया जा सके।
जैसे- विजय लाल सिंह का जन्म 21 जनवरी 1982 को हुआ तो इनका जन्मांक 3 हुआ। पाइथागोरियन सिद्धांत के अनुसार लाइफ पाथ नम्बर 6 हुआ और नामांक 5 हुआ। इसी प्रकार अन्य नामों के संबंध में उसका मूलांक, जन्मांक, नामांक, लाइफ पाथ नम्बर, लकी नंबर आदि तथ्यों को भली प्रकार समझकर संबंधित नाम के साथ मिलान किया जाता है। यह नेम थेरपी का महत्वपूर्ण अंग है।
प्रश्न उठता है कि विजय लाल सिंह के लिए विजय बहादुर सिंह, विजय बाबू सिंह, विजय लाल सिंह या सिर्फ विजय सिंह या फिर अंग्रेजी अक्षर का संक्षिप्त नाम 'वी.एल.एस.' कौन से किस क्षेत्र में अधिक लाभदायक होंगे। उसे किस कारोबार, परिचय व अनुबंध के समय कौन-से नाम का प्रयोग फायदा देगा। इसी प्रकार अन्य नामों के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है।

किसी भाषा के शब्द द्वारा निर्मित नाम से एक विशेष शक्ति (ब्रह्माण्ड की ऊर्जा) प्राप्त होती है। यह शक्ति व्यक्ति के जीवन में बड़ा ही प्रभाव डालती हैं।


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