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कैसे और कब करें यात्रा शुरू, जानें 5 शुभ शकुन और क्या करें जब मिले न 'शुभ मुहूर्त'

Updated: शुक्रवार, 13 जून 2025 (10:43 IST)
successful travel tips: किसी महत्वपूर्ण यात्रा का प्रारंभ करते ही आपको यदि निम्न शुभ शकुन दिखाई दें तो निम्न प्रकार उनका स्वागत कर यात्रा प्रारंभ करें। ऐसा करने से यात्रा सफल होती है।ALSO READ: कुंडली में अल्पायु योग से बचने के 10 उपाय
 
1. विप्र दर्शन : यदि यात्रा प्रारंभ करते ही आपको कोई विप्र दिखाई दे तो उन्हें यथासामर्थ्य दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श कर यात्रा प्रारंभ करें।
 
2. कन्या दर्शन : यदि यात्रा प्रारंभ करते ही आपको कोई कन्या दिखाई दे तो उसे यथासामर्थ्य दक्षिणा देकर उसके चरण स्पर्श कर यात्रा प्रारंभ करें।
 
3. गौदर्शन : यदि यात्रा प्रारंभ करते ही आपको कोई गाय दिखाई दे तो उसे गुड़ खिलाकर उसकी प्रदक्षिणा कर यात्रा प्रारंभ करें।
 
4. कलश : यदि यात्रा प्रारंभ करते ही आपको जल से भरे कलश (यहां कलश से आशय जल से भरा कोई भी पात्र) दिखाई दे तो उसमें 1 सिक्का डालकर यात्रा प्रारंभ करें।
 
5. दान : यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व अपने हाथ में 1 सिक्का अथवा कुछ राशि रखें और मंदिर या जरूरतमंद व्यक्ति में से जो भी मार्ग में पहले दिखाई दे, उसे वह राशि दान कर यात्रा प्रारंभ करें।
 
क्या करें जब मिले न 'शुभ मुहूर्त'
 
जहां तक संभव हो, उपर्युक्त निर्दिष्ट शास्त्रोक्त यात्रा मुहूर्त के अनुसार ही अपनी महत्वपूर्ण यात्राएं करनी चाहिए। लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियों का निर्माण हो जाता है कि यात्रा करना आवश्यक होता है एवं मुहूर्त प्रतिकूल होता है। हमारे शास्त्रों में इस दुविधा का भी समाधान दिया गया है। शास्त्रानुसार जब भी ऐसी परिस्थिति बने तो यात्रा करने से पूर्व किसी भी 'कवच' जैसे दुर्गा कवच, रामरक्षास्तोत्र, सुदर्शन कवच आदि का 1, 3, 5 या 11 की संख्या में पाठ कर यात्रा प्रारंभ करनी चाहिए।
 
रोगी के लिए यात्रा मुहूर्त देखने का निषेध
 
सामान्यजनों को उपर्युक्त यात्रा मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही अपनी महत्वपूर्ण यात्राएं करनी चाहिए लेकिन रोगी के लिए यात्रा (औषधालय जाने हेतु) मुहूर्त देखे बिना ही यात्रा प्रारंभ करने का शास्त्रों में निर्देश है। कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे कोर्ट-कचहरी या राजाज्ञा के अनुपालन में भी यात्रा मुहूर्त का देखा जाना आवश्यक नहीं है।
 
ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र
संपर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
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लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

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