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Guru Pushya Yoga benefits: गुरु-पुष्य योग में खरीदी करने के 5 बड़े फायदे

वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
गुरुवार, 21 मई 2026 (10:01 IST)
guru pushya yoga what to do: भारतीय ज्योतिष शास्त्र में गुरु-पुष्य योग को सभी योगों में सबसे कल्याणकारी और मंगलकारी माना गया है। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो यह महायोग निर्मित होता है। इस विशेष दिन पर की गई खरीदारी न केवल शुभ होती है, बल्कि लंबे समय तक लाभ भी देती है।ALSO READ: Guru Pushya Yoga: गुरु-पुष्य योग क्यों है इतना प्रभावशाली? जानें विशेष संयोग, क्या करें और क्या न करें
 

गुरु-पुष्य योग में खरीदारी करने के 5 बड़े फायदे निम्नलिखित हैं:

 

1. चिरस्थायी समृद्धि

पुष्य नक्षत्र का स्वभाव 'स्थायित्व' प्रदान करना है। इस योग में खरीदी गई कोई भी वस्तु- विशेषकर सोना, चांदी, भूमि, या मकान आपके पास लंबे समय तक टिकती है और उसमें निरंतर वृद्धि होती है। माना जाता है कि इस दिन घर लाई गई संपत्ति कभी नष्ट नहीं होती। गुरु-पुष्य योग चिरस्थायी समृद्धि यानी लंबे समय तक टिकने वाला लाभ माना गया है।
 

2. मां लक्ष्मी और गुरु बृहस्पति की संयुक्त कृपा

गुरुवार के देवता बृहस्पति देव, जो भाग्य और वैभव के कारक हैं और पुष्य नक्षत्र के अधिपति शनि देव, जो स्थायित्व के प्रतीक माने जाते हैं। इसके साथ ही, पुष्य नक्षत्र को धन की देवी मां लक्ष्मी का अत्यंत प्रिय नक्षत्र माना गया है। इसलिए, इस दिन खरीदारी करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
 

3. बिना मुहूर्त के भी हर खरीदारी शुभ

पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' कहा जाता है। इस योग को इतना स्वतः-सिद्ध और पवित्र माना गया है कि इस दिन खरीदारी करने के लिए आपको किसी विशेष चौघड़िए या अन्य पंचांग मुहूर्त को देखने की आवश्यकता नहीं होती। इस पूरे दिन किया गया हर कार्य और खरीदारी शुभ फल ही देती है।
 

4. अक्षय फल की प्राप्ति

'अक्षय' का अर्थ है जिसका कभी क्षय या नाश न हो। इस महायोग में आप जो भी कीमती वस्तु, वाहन, या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदते हैं, वह आपके लिए भाग्यशाली साबित होती है। उस वस्तु का उपयोग आपके जीवन में सुख और सकारात्मकता लेकर आता है।
 

5. निवेश में भारी मुनाफा

यदि आप शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, गोल्ड बॉन्ड या किसी नई बिजनेस प्रॉपर्टी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वोत्तम है। गुरु-पुष्य योग में किए गए निवेश में जोखिम की संभावना न्यूनतम हो जाती है और भविष्य में इसके मल्टीफोल्ड अर्थात् कई गुना बढ़ने के योग बनते हैं।
 
विशेष टिप: यदि आप इस दिन कोई बड़ी या कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं, तो मात्र थोड़ा सा केसर, धार्मिक पुस्तकें, या पीतल का कोई छोटा बर्तन खरीदना भी उतना ही शुभ और समृद्धि दायक माना जाता है।ALSO READ: Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

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