sawan somwar

ग्रह शांति क्यों जरूरी, कब देती है फायदा, कितने जाप का मिलता है फल, पढ़ें विशेष जानकारी

Updated: सोमवार, 29 अप्रैल 2019 (17:16 IST)
ज्योतिष में अनिष्ट ग्रहों की शांति का बहुत महत्व होता है। कुंडली परीक्षण के उपरांत अनिष्ट ग्रहों की विधिवत व शास्त्रानुसार शांति करवाकर जातक अपने जीवन में आए कष्टों का निवारण कर सकते हैं किंतु अनिष्ट ग्रहों की शांति की उचित प्रक्रिया की जानकारी के अभाव आज अधिकांश व्यक्ति इस लाभ से वंचित रह जाते हैं। 
 
आज हम 'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए नवग्रहों के संपूर्ण शांति-विधान की जानकारी देने जा रहे हैं।
 
निश्चित जप संख्या है आवश्यक : -
 
अनिष्ट ग्रहों की शांति की कई प्रक्रियाएं हैं, जैसे अनिष्ट ग्रह के जाप-अनुष्ठान, अनिष्ट ग्रह का दान, अनिष्ट ग्रह के शत्रु या कुंडली के अतीव शुभ ग्रह का रत्न धारण, औषधि स्नान आदि। इन सभी में अनिष्ट ग्रहों का जाप अनुष्ठान सर्वाधिक लाभदायक होता है किंतु इसमें उचित जाप संख्या, दशांश और पूर्णाहूति हवन करना आवश्यक होता है। 
 
प्राचीन समय में निर्धारित जाप संख्या के दशांश का हवन किया जाता था किंतु वर्तमान समय में शास्त्र के निर्देशानुसार दशांश हवन ना कर पाने की स्थिति में दशांश अतिरिक्त जाप का विधान प्रचलन में है।
 
क्या होता है चतुर्गुणित जाप : -
 
सनातन धर्म में कलियुग को चतुर्थ युग माना गया है। अत: कलियुग में किसी भी ग्रह के निश्चित जाप संख्या के 4 गुना जाप अर्थात चतुर्गुणित जाप को ही संपूर्ण व श्रेष्ठ माना जाता है। कलियुग में अनिष्ट ग्रहों के 4 चरण करवाना श्रेयस्कर रहता है किंतु इसे आवश्यकतानुसार 1, 2 अथवा 3 चरणों में विभाजित कर भी कराया जाता है किंतु यदि जाप चरणबद्ध तरीके से होते हैं तो प्रत्येक चरण की समाप्ति के पश्चात पूर्णाहुति हवन करवाना आवश्यक होता है।

आइए जानते हैं कि नवग्रहों की शांति के लिए कितनी संख्या में जाप कराना लाभदायक होता है।
 
1. सूर्य- 7000 जाप प्रति चरण
2. चंद्र- 11000 जाप प्रति चरण
3. मंगल- 10000 जाप प्रति चरण
4. बुध- 9000 जाप प्रति चरण
5. गुरु- 19000 जाप प्रति चरण
6. शुक्र-16000 जाप प्रति चरण
7. शनि- 23000 जाप प्रति चरण
8. राहु- 18000 जाप प्रति चरण
9. केतु- 17000 जाप प्रति चरण। 
 
किस मंत्र से कराएं अनिष्ट ग्रहों के जाप-
 
अनिष्ट ग्रहों के शांति-विधान में निर्धारित जाप संख्या के साथ ही उचित मंत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शास्त्रानुसार अनिष्ट ग्रहों का शांति अनुष्ठान बीज मंत्र व तांत्रिक मंत्र दोनों में से किसी भी एक के द्वारा संपन्न कराया जा सकता है। वर्तमान समय बीज मंत्र से जाप अनुष्ठान का प्रचलन अधिक है।
 
आइए जानते हैं कि नवग्रहों के बीज एवं तांत्रिक मंत्र कौन से हैं : -
 
1. सूर्य- ॐ घृणि: सूर्याय नम: (बीज मंत्र), ॐ ह्राँ ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम: (तांत्रिक मंत्र)
2. चंद्र- ॐ सों सोमाय नम: (बीज मंत्र), ॐ श्रां श्रीं श्रौं चंद्रमसे नम: (तांत्रिक मंत्र)
3. मंगल- ॐ अं अंगारकाय नम: (बीज मंत्र), ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: (तांत्रिक मंत्र)
4. बुध- ॐ बुं बुधाय नम: (बीज मंत्र), ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: (तांत्रिक मंत्र)
5. गुरु- ॐ बृं बृहस्पतये नम: (बीज मंत्र), ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम: (तांत्रिक मंत्र)
6. शुक्र- ॐ शुं शुक्राय नम: (बीज मंत्र), ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: (तांत्रिक मंत्र)
7. शनि- ॐ शं शनैश्चराय नम: (बीज मंत्र), ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम: (तांत्रिक मंत्र)
8. राहु- ॐ रां राहवे नम: (बीज मंत्र), ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: (तांत्रिक मंत्र)
9. केतु- ॐ कें केतवे नम: (बीज मंत्र), ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम: (तांत्रिक मंत्र) 
 
ग्रह शांति से संबंधित इस श्रृंखला के अगले चरण में हम अपने पाठकों को नवग्रहों की शांति हेतु उनके दान, हवन-समिधा एवं औषधि स्नान के बारे संपूर्ण जानकारी देंगे। (क्रमश:) 
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 सितंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

राहु-केतु गोचर: जानें कब हो रहा है राशि परिवर्तन और किन राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य-शनि के षडाष्टक योग से चमकेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें क्या आपकी राशि शामिल है?

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 7 सितंबर से 13 सितंबर 2026: जानिए आपके मूलांक का सटीक राशिफल

बुध का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

अगला लेख