sundarkand

Diwali Laxmi Pujan Timing: दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया

Updated: मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024 (15:53 IST)
ALSO READ: Diwali 2024: कैसे करें दीपावली पर एकाक्षी नारियल सिद्धि साधना, जानें सरल उपाय
Diwali ki puja muhurat : वर्ष 2024 में कैलेंडर के मतांतर के चलते दो दिन का दीपावली पूजन मुहूर्त बताया जा रहा है। यहां वेबदुनिया के प्रिय पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं दिवाली पर स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए 31 अक्टूबर और 01 नवंबर 2024 के लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त...

Highlights 
  • लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?
  • दिवाली कब मनाएं 31 अक्तूबर या 01 नवंबर
  • दिवाली लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
स्थिर लग्न में दीपावली पूजन कब करें, जानें मुहूर्त : 
महालक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न में अति उत्तम रहता है। इससे स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। वृष, सिंह, वृश्चिक व कुंभ स्थिर लग्न होती है। इस वर्ष के स्थिर लग्न मुहूर्त निम्न है-
 
ALSO READ: Diwali ki Katha: दिवाली की संपूर्ण पौराणिक कथा

31 अक्टूबर 2024 (मतांतर से लक्ष्मी पूजन)
 
स्थिर लग्नानुसार-
मध्यान्ह- 1:47 से 3:21 तक (कुम्भ लग्न)
सायंकाल- 6:33 से 8:32 तक (वृषभ लग्न)
 
चौघड़िया अनुसार-
मध्यान्ह- 12:00 से 1:30 बजे तक (लाभ)
मध्यान्ह- 1:30 बजे से 3:00 तक (अमृत)
सायंकाल- 4:30 से 6:00 बजे तक (शुभ)
 
सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त-
मध्यान्ह- 2:53 से 3:21 तक
सायंकाल- 6:33 से 8:32 तक
 
राहुकाल-
मध्यान्ह 1:27 से 2:52 तक (वर्जित)

01 नवंबर 2024 के शास्त्रोक्त लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त : 
 
स्थिर लग्नानुसार-
मध्यान्ह- 1:44 से 3:17 तक (कुम्भ लग्न)
सायंकाल- 6:29 से 8:28 तक (वृषभ लग्न)
 
चौघड़िया अनुसार-
मध्यान्ह- 12:00 से 1:30 बजे तक (शुभ)
सायंकाल- 4:30 बजे से 6:00 तक (चल) 
 
राहुकाल-
मध्यान्ह 10:37 से 12:02 तक (वर्जित)

दीपावली पर्व पर क्या करें :
 
स्नान- प्रातःकाल
देव पूजन- स्नान के उपरांत
पितृ पूजन- दोपहर
ब्राह्मण भोजन- दोपहर
महालक्ष्मी पूजन- प्रदोष काल में
दीपदान- प्रदोष काल में
मशाल दर्शन- सायंकाल
दीपमाला प्रज्ज्वलन- सायंकाल
 
पूजन सामग्री- रोली, मौली, पान, सुपारी, अक्षत, धूप, घी का दीपक, तेल का दीपक, खील, बताशे, श्रीयंत्र, शंख (दक्षिणावर्ती हो तो अतिउत्तम), घंटी, चंदन, जलपात्र, कलश, लक्ष्मी-गणेश-सरस्वती जी का चित्र या विग्रह, पंचामृत, गंगाजल, सिंदूर, नैवेद्य, इत्र, जनेऊ, श्वेतार्क पुष्प, कमल का पुष्प, वस्त्र, कुमकुम, पुष्पमाला, फल, कर्पूर, नारियल, इलायची, दूर्वा।
 
बाईं ओर रखें-
जलपात्र, घंटी, धूप, तेल का दीपक।
 
दाईं ओर रखें-
घी का दीपक, जल से भरा शंख।
 
सामने रखें-
चंदन, रोली, पुष्प, अक्षत व नैवेद्य।
 
तत्पश्चात विधिवत् पूजन करें।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com


ALSO READ: Diwali Upay 2024: इस दीपावली घर लाएं ये धनदायक चीजें, आर्थिक संकटों से मिलेगी मुक्ति

लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 02 सितंबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

10 सितंबर से यूरेनस की उल्टी चाल: 4 राशियों के लिए 8 फरवरी 2027 तक खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

मंगल-शनि का केंद्र योग बढ़ाएगा तनाव! 4 राशियों की किस्मत का पलट जाएगा पासा

गुरु और शनि के बीच बना नवपंचम राजयोग, 5 राशियों के सितारे रहेंगे बुलंदी पर

01 September Birthday: आपको 01 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख