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दर्शन मात्र से नौ ग्रहों की शांति करते हैं उज्जैन में स्थित नौ नारायण....

Updated: शुक्रवार, 8 जून 2018 (13:56 IST)
पुरुषोत्तम मास में जहां दान धर्म आदि करने का उल्लेख पुराणों में किया गया है वहीं विभिन्न यात्राएं भी इसी माह में होती है। नौ नारायण यात्रा प्रमुख है। नौ नारायणों के दर्शन करने से नौ ग्रहों की शांति हो जाती है। इनकी पंचोपचार पूजा करना चाहिए। पूजा या यात्रा के साथ दान का भी महत्व शास्त्रों में बताया गया है। नौ नारायण भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूप हैं। ये नौ स्वरूप उज्जैन में ही विराजित है। 
 
- लीला पुरुषोत्तम नारायण : पुरुषोत्तमनारायण मंदिर हरसिद्धि मंदिर के समीप स्थित है। करीब 200 वर्ष इस पुराने मंदिर में पुरुषोत्तममास के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। यहां दर्शन व पूजा करने से हर प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 
 
- अनंतनारायण : अनंतपेठ स्थित अनंतनारायण मंदिर 300 वर्ष से अधिक पुराना है। यहां अधिक मास के अलावा हरियाली अमावस्या तथा अनंत चतुर्दशी पर पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। इनके दर्शन व पूजा करने से अनंत सुख मिलता है। 
 
- सत्यनारायण : सत्यनारायण मंदिर ढाबा रोड पर है। लगभग 200 साल पुराने इस मंदिर में प्रतिदिन ही श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। सत्यनारायण के दर्शन करने या यहां कथा श्रवण करने से सुख समृद्धि की कामना पूर्ण होती है। 
 
- चतुर्भुजनारायण : चतुर्भुजनारायण मंदिर भी ढाबा रोड पर ही है। इस प्राचीन मंदिर में भी नौ नारायण करने वाले यात्रियों की संख्या कम नहीं होगी। इनके दर्शन करने से चारों तरफ ख्याति मिलती है। 
 
- आदिनारायण : सेंट्रल कोतवाली के समक्ष स्थित आदिनारायण मंदिर में दर्शन या पूजा करने से समस्त दुःखों का नाश होता है। मंदिर काफी पुराना है। 
 
- शेषनारायण : क्षीरसागर परिक्षेत्र में है शेषनारायण मंदिर। लगभग पांच सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में भगवान विष्णु शेषनाग पर विश्राम कर रहे हैं। सामने बैठी माता लक्ष्मी उनके चरण दबा रही है। यहां अद्भुत स्वरूप के दर्शन होते हैं। 
 
- पद्मनारायण : पद्मनारायण मंदिर भी क्षीरसागर पर ही है। इस प्राचीन मंदिर में भगवान विष्णु का स्वरूप निराला है। यहां यात्रा व दर्शन  करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। 
 
- लक्ष्मीनारायण : गुदरी चौराहा पर है लक्ष्मीनारायण मंदिर। यहां नियमित दर्शन या आराधना करने वाले व्यक्ति को किसी बात की कमी नहीं रहती है। मूर्ति चमत्कारी है। 
 
- बद्रीनारायण : बक्षी बाजार में बद्रीनारायण मंदिर है। यह मंदिर भी काफी पुराना है। नौ नारायण की यात्रा करने वाले यात्री यहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण करते हैं।

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